एनआईए ने विस्फोटक सप्लाई मामले में 5 आरोपियों के खिलाफ दायर की सप्लीमेंट्री चार्जशीट
Delhi दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) संगठन को विस्फोटक सामग्री की सप्लाई करने के एक मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की है। इस मामले में एक गिरफ्तार आरोपी और चार फरार आरोपी शामिल हैं। जगदलपुर की एनआईए विशेष अदालत में मंगलवार को दायर इस चार्जशीट में सभी आरोपियों पर विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपी मनीष सोढ़ी उर्फ हुर्रा को इस साल जुलाई में एनआईए ने पकड़ा था। फरार आरोपियों के नाम सोढ़ी केसा, मनीला, मदकम केसा और सोढ़ी लखमा हैं। सभी आरोपी सुकमा जिले के निवासी हैं। एनआईए की जांच से पता चला है कि ये लोग प्रतिबंधित माओवादी संगठन के लिए विस्फोटक और अन्य संवेदनशील सामग्री खरीदने तथा सप्लाई करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। यह सामग्री सीपीआई (माओवादी) की पीएलजीए बटालियन नंबर एक के सदस्यों और जगरगुंडा क्षेत्र में सक्रिय कैडरों तक पहुंचाई जानी थी। इन सामग्रियों से सुरक्षा बलों पर हमले के लिए आईईडी बनाने की योजना थी।
यह मामला मूल रूप से 25 सितंबर 2024 को छत्तीसगढ़ पुलिस ने दर्ज किया था। पुलिस ने उस समय दो आरोपियों, मंतोष मंडल और एस. नागार्जुन, को गिरफ्तार किया और उनके पास से टिफिन बम, डेटोनेटर, पोटेशियम नाइट्रेट, एल्यूमीनियम पाउडर, पैकेजिंग सामग्री, नक्सली साहित्य और मोबाइल फोन जैसी आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद की थीं। पूछताछ और आगे की जांच से आतंकी फंडिंग तथा सप्लाई चेन का पता चला। दिसंबर 2024 में एनआईए ने मामला अपने हाथ में लिया और अब तक कुल सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की जा चुकी है। जांच एजेंसी का कहना है कि माओवादी संगठन सुरक्षा बलों के खिलाफ आतंकी गतिविधियां जारी रखने की कोशिश में लगा है, लेकिन ऐसी सप्लाई चेन को तोड़ने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।