नई दिल्ली : दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास हुए आतंकी हमले को लेकर संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा किया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस हमले की साजिश में आतंकी संगठन अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आई है। UN की रिपोर्ट में आतंकी नेटवर्क, उनकी गतिविधियों और दक्षिण एशिया में सक्रिय संगठनों को लेकर कई अहम जानकारियां दी गई हैं। इसमें भारत में हुए कुछ आतंकी मामलों का भी जिक्र किया गया है।
लाल किला हमले की जांच में सामने आए सुराग
रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों की जांच में लाल किले के आसपास हुए आतंकी हमले के तार अल-कायदा से जुड़े नेटवर्क तक पहुंचने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियां लंबे समय से इस मामले में आतंकी संगठनों की भूमिका की जांच कर रही थीं। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि आतंकी संगठन अपने नेटवर्क के जरिए स्थानीय स्तर पर युवाओं को प्रभावित करने और हमलों की साजिश रचने की कोशिश करते हैं।
AQIS पर UN रिपोर्ट में चिंता
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में AQIS को अल-कायदा का दक्षिण एशियाई विंग बताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह संगठन भारत समेत दक्षिण एशिया के कई हिस्सों में अपनी गतिविधियां बढ़ाने की कोशिश करता रहा है। रिपोर्ट में आतंकी संगठनों की ऑनलाइन गतिविधियों और कट्टरपंथ फैलाने के तरीकों को लेकर भी चिंता जताई गई है।
सुरक्षा एजेंसियां रख रही हैं नजर
लाल किला जैसे संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा को लेकर भारतीय सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क रहती हैं। ऐतिहासिक और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाता है। आतंकी नेटवर्क से जुड़े किसी भी खतरे को रोकने के लिए खुफिया एजेंसियां लगातार जानकारी जुटाती रहती हैं।
आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई जारी
भारत समेत कई देश आतंकी संगठनों और उनके नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां आतंकी फंडिंग, भर्ती और साजिशों से जुड़े मामलों की जांच करती हैं। UN की रिपोर्ट को भी वैश्विक स्तर पर आतंकी संगठनों की गतिविधियों को समझने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
रिपोर्ट के बाद बढ़ी चर्चा
UN रिपोर्ट में लाल किला हमले का जिक्र सामने आने के बाद सुरक्षा और आतंकवाद से जुड़े मुद्दों पर फिर चर्चा शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि आतंकी संगठनों के बदलते तरीकों को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और खुफिया साझेदारी जरूरी है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां आतंकी नेटवर्क से जुड़े सभी पहलुओं पर नजर बनाए हुए हैं।
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