नई दिल्ली: आसमान से मानो आग बरस रही है। सुबह से लेकर देर शाम और रात में भी गर्म हवाएं सड़कों- गलियों तक में गश्त कर रही हैं और नतीजा है कि दिल्ली में गर्मी से जनजीवन ही नहीं, पशु-पक्षी भी बेहाल हैं। सरकारी अस्पतालों का आलम ये है कि यहां ओपीडी में मरीजों की बाढ़ आ गई है। जीटीबी, एलएनजेपी और रोहिणी के अंबेडकर अस्पताल में मरीजों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने तो एडवाइजरी जारी ही की है, बढ़ते तापमान को देखते हुए मौसम विभाग यानी imd ने भी वीरवार को रेड अलर्ट जारी किया हैI

एलएनजेपी अस्पतालः यहां ओपीडी में हर रोज दो हजार से ज्यादा मरीज आ रहे हैं, जिनमें ज्यादातर उल्टी, दस्त और डायरिया के हैं। हीट स्ट्रोक के भी मरीज एलएनजेपी में पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि उन्हें तुरंत इलाज मुहैया कराया जा रहा है। उल्टी और दस्त के मरीजों की तो यहां पर जैसे बाढ़ आ गई है। महिला मरीजों की संख्या भी कम नहीं है। बच्चे भी गर्मीजनित बीमारियों के शिकार हो रहे हैं।अस्पताल में उन्हें भी तड़पते हुए देखा गया।

गुरुतेग बहादुर अस्पतालः गुरुतेग बहादुर अस्पताल में व्यवस्थाएं अपेक्षाकृत लचर हैं। यहां ओपीडी में पंखा बहुत धीरे चलता पाया गया। कतारें भी लंबी थीं। गर्मी जनित बीमारियों से ग्रस्त मरीज मारे-मारे फिरते रहे। परचा बनवाने के लिए मारामारी देखी गई। यहां वाटर कूलर भी ठीक से नहीं चल रहे थे। तीमारदारों को चिलचिलाती धूप में खड़े रहते देखा गया।

 अंबेडकर अस्पतालः रोहिणी के बाबा साहेब अंबेंडकर अस्पताल में भी मरीजों की लंबी कतारें देखी गईं। यहां हालांकि, कोई अव्यवस्था नहीं पाई गई। पीने के पानी से लेकर अन्य साफ-सफाई दुरुस्त थी। पंखे, वाटर कूलर भी ठीक दशा में देखे गए। रही बात मरीजों की तो यहां पर भी ओपीडी में औसतन दो से ढाई हजार मरीज पहुंच रहे हैं। दिल्ली के अन्य सरकारी अस्पतालों की दशा भी कमोबेश ऐसी ही है।

तापमान और नमी में नहीं रहेगी कमी: तापमान और नमी दोनों ही काफी ज्यादा रहेंगे। इसका सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग ने हीटवेव से खुद को बचाकर रखने की सलाह दी है। वीरवार को तापमान बढ़ने के साथ-साथ उमस भी बढ़ी रही। जो लोग घरों से बाहर रहे, उनके लिए बढ़ता तापमान चिंता बढ़ाने वाला साबित हुआ। .

हीटवेव से बचने के लिए क्या करें: अगर इस गर्मी को खुदको लू लगने से बचाना है तो कोशिश कीजिए की दिन के समय घर या ऑफिस से बाहर ना ही निकलें। जितना संभव हो उतना ज्यादा पानी पिएं. दिन में दो से ढाई लीटर पानी पीने की कोशिश करें। गर्मी में ऐसे कपड़े पहनें जिनसे आपको गर्मी का कम एहसास हो। कोशिश करें कि हल्के रंग और सूती के कपड़े ही पहनें। धूप में जाते समय चश्मा, टोपी या छाता जरूर रखें।

तापमान ज्यादा होने की स्थिति में बाहर जाकर वॉक या एक्सरसाइज करने से बचें। कहीं अगर ट्रैवल कर रहे हैं तो अपने साथ पर्याप्त पानी जरूर रखें। नींबू पानी, नमक-चीनी का घोल, छाछ, लस्सी या सत्तू का सेवन करना चाहिए। मौसमी फल गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन की स्थिति में मुंह सूखता है और घबराहट या सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।

ऐसी स्थिति में तुरंत तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए और चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी हो जाता है। इस मौसम में तले-भुने और आयली खाने से परहेज करें। जंक फूड और ठंडी कोल्ड ड्रिंक्स की जगह घरेलू पेय जैसे शिकंजी, बेल का शरबत का सेवन करें।

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