नीट विवाद: आपत्तिजनक पोस्ट पर दिल्ली पुलिस सख्त

Update: 2026-07-29 05:46 GMT

दिल्ली : नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान और उसके बाद सोशल मीडिया पर कथित रूप से आपत्तिजनक और मानहानिकारक सामग्री प्रसारित किए जाने के मामले में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) को नोटिस जारी कर संबंधित पोस्ट और वीडियो को हटाने या ब्लॉक करने के निर्देश दिए हैं।

पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर कुछ ऐसी सामग्री साझा की जा रही है, जिसमें संवैधानिक पदों को निशाना बनाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की पोस्ट समाज में भ्रम फैलाने और प्रतिष्ठित संस्थानों की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास हो सकती हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक्स से सहयोग मांगा है और संबंधित खातों की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है।

एक्स से मांगी गई पोस्ट और अकाउंट की जानकारी

दिल्ली पुलिस ने एक्स को भेजे नोटिस में उन कथित आपत्तिजनक पोस्ट और वीडियो की जानकारी साझा की है, जिनकी जांच की जा रही है। पुलिस ने प्लेटफॉर्म से इन सामग्री को तत्काल हटाने या उन्हें ब्लॉक करने के लिए कहा है।

इसके साथ ही पुलिस ने उन अकाउंट्स की पूरी जानकारी मांगी है, जिनसे यह सामग्री पोस्ट या साझा की गई। इसमें अकाउंट धारक की पहचान, संबंधित गतिविधियों और अन्य उपलब्ध विवरण शामिल हैं। पुलिस का उद्देश्य यह पता लगाना है कि इन पोस्ट को किसने तैयार किया, किस उद्देश्य से प्रसारित किया गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।

संवैधानिक पदों को निशाना बनाने का आरोप

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान सामने आया है कि कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में संवैधानिक पदों और संस्थाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं। अधिकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना जरूरी है और किसी भी व्यक्ति या समूह द्वारा भ्रामक या अपमानजनक सामग्री फैलाने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इन पोस्ट के जरिए किसी विशेष उद्देश्य से माहौल खराब करने या लोगों को भड़काने की कोशिश की गई थी।

नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए थे प्रदर्शन

नीट पेपर लीक विवाद के बाद देश के कई हिस्सों में छात्रों, संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से विरोध प्रदर्शन किए गए थे। इसी क्रम में दिल्ली में भी प्रदर्शन आयोजित किए गए। प्रदर्शन के दौरान और बाद में सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

जहां कई लोगों ने परीक्षा व्यवस्था और जांच प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए, वहीं पुलिस का कहना है कि कुछ लोगों ने विरोध की आड़ में ऐसी सामग्री प्रसारित की, जो कानून के दायरे में आपत्तिजनक हो सकती है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी

पुलिस ने एक्स से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाली अवैध या आपत्तिजनक सामग्री को नियंत्रित करने में प्लेटफॉर्म की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जांच एजेंसियां समय-समय पर सोशल मीडिया कंपनियों से जानकारी मांगती हैं। अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल माध्यमों पर प्रसारित सामग्री की जांच में प्लेटफॉर्म से मिलने वाली तकनीकी जानकारी महत्वपूर्ण साबित होती है।

साइबर सेल कर रही मामले की जांच

दिल्ली पुलिस की साइबर इकाई मामले की जांच कर रही है। जांच के तहत सोशल मीडिया पोस्ट की सत्यता, उसके स्रोत और प्रसार के तरीके की पड़ताल की जा रही है।

पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संबंधित पोस्ट किसी एक व्यक्ति द्वारा की गई थी या किसी संगठित अभियान का हिस्सा थी। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि इन पोस्ट से किसी कानून का उल्लंघन हुआ है या नहीं।

दोषियों पर होगी कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी व्यक्ति या समूह की संलिप्तता सामने आती है और आरोप सही पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।

दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी सामग्री को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें। पुलिस ने कहा है कि अफवाह, भ्रामक सूचना या आपत्तिजनक सामग्री का प्रसार कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकता है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निगरानी बढ़ी

हाल के वर्षों में सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने वाली सामग्री को लेकर जांच एजेंसियों की निगरानी बढ़ी है। किसी भी संवेदनशील मामले के दौरान सोशल मीडिया पोस्ट की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि गलत या भ्रामक जानकारी कम समय में बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच सकती है।

नीट पेपर लीक मामले से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित सामग्री की निगरानी और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने के प्रयास के रूप में देखी जा रही है। अब आगे की कार्रवाई एक्स से मिलने वाली जानकारी और पुलिस जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

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