नई दिल्ली। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसदों की साप्ताहिक ‘मंगल मिलन’ बैठक आज संसद परिसर में आयोजित होगी। यह बैठक संसद के मानसून सत्र के दौरान होने वाली नियमित बैठकों का हिस्सा है, जिसमें भाजपा और एनडीए के सहयोगी दलों के सांसद शामिल होते हैं।

बैठक में संसद की कार्यवाही, आगामी विधायी एजेंडा और विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। साथ ही सांसदों को सदन में उठाए जाने वाले प्रमुख विषयों और सरकार के पक्ष को प्रभावी ढंग से रखने के संबंध में भी मार्गदर्शन दिया जा सकता है।

‘मंगल मिलन’ बैठक का आयोजन आमतौर पर प्रत्येक मंगलवार को किया जाता है। इसका उद्देश्य एनडीए सांसदों के बीच समन्वय मजबूत करना, संसद की कार्यवाही को लेकर रणनीति तैयार करना और सरकार की प्राथमिकताओं पर साझा विचार-विमर्श करना होता है।

मानसून सत्र के दौरान कई अहम विधेयकों और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित है। ऐसे में इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में संसद की सुचारु कार्यवाही सुनिश्चित करने, विपक्ष के मुद्दों का जवाब देने और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर भी विचार-विमर्श किए जाने की संभावना है।

हर मंगलवार को आयोजित होती है बैठक
21 जुलाई को 'मंगल मिलन' के तहत पहली बैठक आयोजित की गई थी। परंपरागत रूप से संसद के प्रत्येक सत्र के दौरान एनडीए संसदीय दल की बैठक हर मंगलवार को आयोजित होती रही है। हालांकि इस बार इसे 'मंगल मिलन' नाम दिया गया है। गठबंधन का कहना है कि इस नए नाम के जरिए नियमित संसदीय बैठकों को सांस्कृतिक और संगठनात्मक पहचान देने का प्रयास किया गया।
पहली बार बैठक में शामिल तृणमूल कांग्रेस के पूर्व नेता
28 जुलाई को भी 'मंगल मिलन' बैठक हुआ था। इस बैठक में पहली बार, तृणमूल कांग्रेस के पूर्व बागी नेता और अब एनसीपीआई सांसद शामिल हुए थे। एनसीपीआई सांसद काकोली घोष , शताब्दी रॉय और सायनी घोष भी इस बैठक में शामिल हुईं। ये सभी पहले तृणमूल कांग्रेस में थीं।
काकोली घोष एनडीए में शामिल होकर खुश
28 जुलाई को 'मंगल मिलन' बैठक में शामिल हुईं, एनसीपीआई सांसद काकोली घोष ने बताया था कि 2014 से पहले उन्होंने इस तरह की बैठकें नहीं देखी थीं, और एनडीए में शामिल होकर उन्हें खुशी हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि एनसीपीआई के सभी सांसद मिलकर काम कर रहे हैं।
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