साहिबाबाद: टीलामोड़ थाना क्षेत्र के पसौंड़ा निवासी ट्रैवल्स कंपनी के चालक शमशाद ने अपनी पत्नी शहनाज (38) के पेट में रात चाकू घोंप दिया। पूरी वारदात उसने शहनाज की बुआ मुजफ्फरनगर निवासी फरीदा को फोन कर बताते-बताते की। शहनाज बुआ से बचाने की मदद मांगती रहीं। इस दौरान मां से मारपीट होती देख कमरे में मौजूद बच्चे भी चीख पड़े। यह राज शहनाज के भाई आसिफ ने खोला। उन्होंने वह रिकॉर्डिंग भी सामने रखी है, जिसमें शहनाज बचाने की बात कहती सुनाई दे रही है। आसिफ ने हत्या का आरोप लगा पुलिस को तहरीर दी। बुधवार को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपी शमशाद ने पत्नी के अक्सर घर से बाहर रहने पर शक होने और बाहर जाने की वजह पूछने पर विवाद होने की बात स्वीकार की है। पूछताछ के बाद आरोपी को कोर्ट के आदेश से जेल भेज दिया गया है।

एसीपी शालीमार गार्डन सलोनी अग्रवाल ने बताया कि पसौंड़ा निवासी शमशाद टूर एंड ट्रैवल्स कंपनी में गाड़ी चलाते हैं। करीब 14 साल पहले उसका निकाह शहनाज से हुआ था। पसौंड़ा स्थित मकान में शमशाद पत्नी, चार बच्चों और छोटे भाई निसार के साथ रह रहा था। मंगलवार को दंपति में झगड़ा हुआ, तभी शमशाद ने पत्नी के पेट में सब्जी काटने वाला चाकू घोंपा और कांच की बोतल मारकर भाग गया। शोर सुनकर मकान की पहली मंजिल से नीचे उतरकर आए महिला के देवर निसार ने उसे जीटीबी अस्पताल में भर्ती करा मायके वालों व पुलिस को सूचना दी।

शहनाज के भाई आसिफ ने पुलिस को तहरीर देकर बहनोई शमशाद पर हत्या का आरोप लगाया। पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपी की तलाश शुरू की। बुधवार को पुलिस ने शमशाद को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी पत्नी अक्सर घर से बाहर रहती थी। इसकी वजह से उसे शक भी था। बुधवार को वह कई दिन बाद घर लौटी थी। जब उसने पत्नी से बाहर रहने का कारण पूछा तब झगड़ा शुरू हो गया। विवाद के दौरान ही उसने पत्नी को चाकू मार दिया।

कई रिश्तेदारों को किया फोन, बात केवल बुआ से हुई: आसिफ ने बताया कि आरोपी शमशाद ने शहनाज से मारपीट के समय उन्हें व कई अन्य रिश्तेदारों को फोन किया था। वह खुद उस समय कार चला रहे थे, इसलिए फोन नहीं उठा पाए। इसके बाद आरोपी ने शहनाज की बुआ फरीदा को कॉल की। उन्होंने कॉल पिक किया तब आरोपी ने उन्हें लाइव कमेंट्री करते हुए मारपीट शुरू कर दी। यहां तक कि शहनाज यह तक कह रही थी कि फुफी बचा लो अब कुछ नहीं करूंगी वहीं शमशाद कहता रहा कि कैसे यकीन करूं। आसिफ ने बताया कि जब शमशाद ने शहनाज पर वार किया तब कमरे में मौजूद बच्चे भी चीख पड़े। इसके बाद भी आरोपी नहीं रुका। वहीं, कॉल के दौरान कमरा अंदर से बंद था। कोई व्यक्ति शमशाद से कमरा खोलने को कह रहा था लेकिन, शमशाद ने साफ इन्कार करते हुए आधा घंटे बाद खोलने की बात कही। इस दौरान बार-बार शहनाज बुआ से बचाने की मिन्नतें करती रही।

बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल: आसिफ ने बताया कि बहन शहनाज के चार बच्चे शाद (9), सादिया (7), सुहान (5) और साजिदा (3) हैं। शाद तीसरी कक्षा में और सादिया पहली कक्षा में पढ़ती है। बाकी दोनों बच्चों ने अभी स्कूल जाना शुरू नहीं किया है। शहनाज की मौत से उसके चार बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया। इसके साथ ही पिता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बच्चों की जिम्मेदारी फिलहाल शहनाज के भाई पर आ गई है। बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।

एसीपी सलोनी अग्रवाल ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी ने शक होने और बाहर जाने का कारण पूछने पर विवाद की बात कही है। उससे आगे की पूछताछ जारी है। अन्य परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है। फोन कॉल के आधार पर भी जांच की जा रही है।

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