गाजियाबाद: यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा में कल (सोमवार) से दौड़ शुरू हो गई। पहले दिन महिला अभ्यर्थियों ने दौड़ में दम दिखाया। 500 को बुलाया गया था। 21 गैर हाजिर रहीं, जबकि 479 ने दौड़ में भाग लिया। दौड़ के दौरान तीन बेहोश हो गईं। तीनों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया।

डीसीपी राजेश कुमार ने बताया कि सोमवार को गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बागपत और शामली की अभ्यर्थियों की दौड़ कराई गई। 2400 मीटर की दौड़ पूरी करने की समयावधि 14 मिनट निर्धारित है।

150-150 की संख्या में दौड़ कराई गई। निर्धारित समयावधि में 354 महिला अभ्यर्थियों ने दौड़ पूरी की जबकि 125 असफल रहीं। मंगलवार और बुधवार को भी महिला अभ्यर्थियों की दौड़ होगी। करीब दो हजार अभ्यर्थी दौड़ में शामिल होंगी।

26 दिसंबर 2024 को पुलिस लाइन में गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बागपत और शामली के 23,086 महिला और पुरुष अभ्यर्थियों के शारीरिक मापतौल और शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच हुई। इसमें से 13,954 महिला और पुरुष अभ्यर्थी सफल रहे। अब इनकी दौड़ कराई जा रही है।

दौड़ में सफल रहीं बेटियां: ओमवीर सिंह ने बताया कि वह गांव कसेरुआ कलां जनपद शामली के निवासी हैं। बड़ा बेटा संजय कुमार दिल्ली पुलिस में है। दो बेटियां यूपी पुलिस की तैयारी कर रही हैं। उनके छोटे भाई का एक बेटा सेना में है और एक यूपी पुलिस में। उनके परिवार में पांच लोग सेना, दिल्ली पुलिस और यूपी पुलिस में देश सेवा कर रहे हैं। उनकी दोनों बेटी दीपांशी और प्राची ने दौड़ की परीक्षा पास कर ली।

सुबह-शाम चार से पांच किमी .तक दौड़ का अभ्यास कर रही हूं। पिता के साथ सड़क पर जाकर दौड़ लगाती हूं। पिता साइकिल पर रहते हैं। 13 मिनट 50 सेकंड में दौड़ पूरी कर ली।

- मनु अतरौली पिलखुआ।

हम दोनों बहने एक साथ अभ्यास करती हैं। मैंने 12.33 मिनट में दौड़ पूरी की है। दौड़ते समय जब पापा बाहर से झांक रहे थे तो मैंने अपनी गति और बढ़ा दी। डेढ़ मिनट पहले दौड़ पूरी कर ली।

- दीपांशी कसेरुआं कलां शामली।

दौड़ काफी व्यवस्थित ढंग से हुई है। पूरा समय मिला और आराम से तय समय में दौड़ पूरी कर ली। 13.46 मिनट में दौड़ पूरी की है। जिन अभ्यर्थियों ने अभ्यास नहीं किया, वे ही असफल रही हैं। देश सेवा के लिए फोर्स में जाने का सपना है इसलिए प्रयास कर रही हूं।

-अंजली, शाहदरा।

मेरी अभी बीए की पढ़ाई जारी है, सिपाही बनकर देश सेवा करुंगी। मेरे परिवार में पुलिस और सेना में कई सदस्य हैं। उनसे देश सेवा की सीख मिलती है। गांव में शिक्षा के अधिक अवसर नहीं हैं, नौकरी लगी तो पढ़ाई जारी रखूंगी।

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