नई दिल्ली। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कथित नार्को-ट्रैफिकिंग नेटवर्क के सरगना नवप्रीत सिंह को 10 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। दिल्ली पुलिस ने शनिवार को आरोपी को अदालत में पेश करते हुए उसकी 10 दिन की कस्टडी रिमांड मांगी थी। पुलिस का कहना है कि नवप्रीत सिंह एक बड़े नार्को नेटवर्क का कथित किंगपिन है और उससे पूरे नेटवर्क, उसके सहयोगियों, ड्रग्स की सप्लाई चेन और विदेश में मौजूद संपर्कों के बारे में विस्तार से पूछताछ की जानी है।
नवप्रीत सिंह को तुर्की से डिपोर्ट किए जाने के बाद शनिवार को भारत लाया गया। राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने के बाद उसे दिल्ली पुलिस ने अपनी हिरासत में लिया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने अदालत के सामने आरोपी से हिरासत में पूछताछ की जरूरत बताते हुए 10 दिन की रिमांड मांगी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, नवप्रीत सिंह कथित अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क की अहम कड़ी है। जांच एजेंसी का दावा है कि नेटवर्क से जुड़े कई पहलुओं की जानकारी उससे पूछताछ के बाद सामने आ सकती है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि कथित तौर पर नशीले पदार्थों की खेप कहां से मंगाई जाती थी, भारत तक उन्हें पहुंचाने के लिए किन रास्तों का इस्तेमाल किया जाता था और देश के भीतर वितरण की व्यवस्था किस प्रकार संचालित होती थी।
अदालत में सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने एक और महत्वपूर्ण जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, एयरपोर्ट पहुंचने के बाद नवप्रीत सिंह ने कथित तौर पर खुद को चोट पहुंचाई। इसके बाद उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि आरोपी का मेडिको-लीगल सर्टिफिकेट यानी MLC भी करवा लिया गया है। इसके बाद उसे अदालत में पेश किया गया।
अब 10 दिन की पुलिस कस्टडी के दौरान जांच एजेंसी आरोपी से कई स्तरों पर पूछताछ कर सकती है। सबसे महत्वपूर्ण सवाल कथित नार्को नेटवर्क की संरचना को लेकर होगा। पुलिस यह जानने का प्रयास करेगी कि नेटवर्क में कितने लोग सक्रिय थे और अलग-अलग सदस्यों की क्या भूमिका थी। इसके साथ ही भारत और विदेश में मौजूद कथित सहयोगियों तथा संपर्कों की पहचान भी जांच का हिस्सा हो सकती है।
जांच का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू ड्रग्स की सप्लाई चेन से जुड़ा है। अंतरराष्ट्रीय नार्को-ट्रैफिकिंग के मामलों में तस्करी के रास्तों, सप्लायर, स्थानीय वितरकों और वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को जोड़ना जांच एजेंसियों के लिए अहम होता है। नवप्रीत की पुलिस कस्टडी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस उससे इन बिंदुओं पर पूछताछ कर सकती है और पहले से जुटाए गए साक्ष्यों के साथ उसके जवाबों का मिलान किया जा सकता है।
पुलिस कथित नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जानकारी भी जुटाने की कोशिश कर सकती है। ड्रग्स तस्करी से जुड़े मामलों में पैसे के लेनदेन का तरीका, बैंक खाते, डिजिटल भुगतान और अन्य माध्यम जांच के महत्वपूर्ण हिस्से होते हैं। हालांकि इस मामले में आगे कौन से वित्तीय तथ्य सामने आते हैं, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
तुर्की से नवप्रीत सिंह का डिपोर्ट होकर भारत पहुंचना इस मामले में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। विदेश में मौजूद किसी आरोपी को भारत वापस लाने के बाद जांच एजेंसियों को उससे सीधे पूछताछ करने और पहले से दर्ज मामलों से जुड़े तथ्यों की जांच करने का अवसर मिलता है। दिल्ली पुलिस अब इसी दिशा में आगे बढ़ रही है।
नवप्रीत की गिरफ्तारी और कस्टडी के बाद पुलिस उसके कथित सहयोगियों के बारे में भी जानकारी जुटा सकती है। यदि पूछताछ में नए नाम या ठिकानों का पता चलता है तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है। इसके अलावा पुलिस इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, मोबाइल फोन, संपर्कों और अन्य उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर भी नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर सकती है।
कस्टडी रिमांड और न्यायिक हिरासत में अंतर होता है। पुलिस कस्टडी के दौरान जांच अधिकारी आरोपी से पूछताछ कर सकते हैं और जांच से संबंधित विभिन्न तथ्यों का सत्यापन करा सकते हैं। इसी कारण दिल्ली पुलिस ने अदालत से नवप्रीत सिंह की 10 दिन की कस्टडी मांगी थी। कोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद अब पुलिस के पास पूछताछ के लिए निर्धारित अवधि उपलब्ध है।
इस दौरान आरोपी की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर भी कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। एयरपोर्ट पर कथित रूप से खुद को चोट पहुंचाने की घटना के बाद उसका MLC कराया जा चुका है। मेडिकल रिकॉर्ड अदालत के सामने रखे जाने से आरोपी की स्वास्थ्य स्थिति से संबंधित आधिकारिक दस्तावेज भी उपलब्ध हो गया है।
दिल्ली पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की पूरी संरचना का पता लगाना है। किसी भी बड़े नार्को नेटवर्क में सप्लाई, परिवहन, भंडारण, वितरण और वित्तीय लेनदेन के अलग-अलग स्तर हो सकते हैं। पुलिस की कोशिश इन सभी कड़ियों को जोड़ने की होगी।
पूछताछ के दौरान पुलिस यह भी जानने का प्रयास कर सकती है कि नवप्रीत कितने समय से कथित तौर पर इस नेटवर्क से जुड़ा था और विदेश से इसके संचालन में उसकी वास्तविक भूमिका क्या थी। इसके अलावा भारत में किन लोगों से उसका संपर्क था और कथित नेटवर्क का विस्तार किन-किन क्षेत्रों तक था, ये सवाल भी जांच के केंद्र में रह सकते हैं।
10 दिन की पुलिस कस्टडी समाप्त होने के बाद नवप्रीत सिंह को फिर अदालत के सामने पेश किया जाएगा। उस समय जांच की प्रगति और कानूनी परिस्थितियों के आधार पर आगे की हिरासत को लेकर अदालत फैसला करेगी। यदि जांच एजेंसी को नए तथ्य मिलते हैं तो उनके आधार पर आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है।
फिलहाल पुलिस नवप्रीत सिंह को कथित नार्को नेटवर्क का किंगपिन बता रही है। हालांकि उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम सत्यता न्यायिक प्रक्रिया और अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर तय होगी। राउज एवेन्यू कोर्ट से 10 दिन की पुलिस कस्टडी मिलने के साथ ही इस मामले की जांच अब एक महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है।
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