नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर के पद पर कार्यरत 30 वर्षीय महिला की कथित आत्महत्या का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान नाज़िया खानम के रूप में हुई है। वह तीन महीने की गर्भवती बताई जा रही है। घटना के बाद महिला के परिवार ने उसके पति और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों पर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का यह भी दावा है कि नाज़िया की मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या हो सकती है और घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।

पुलिस में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, नाज़िया खानम की शादी 11 अप्रैल 2026 को आज़म अली खान के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही उसके ससुराल में कथित तौर पर विवाद और उत्पीड़न का सिलसिला शुरू हो गया था। मृतका के पिता तवाब खान के बयान के आधार पर दर्ज शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नाज़िया को उसके पति आज़म अली खान, सास समीम निशा, ससुर बाबर अली खान और ससुराल के अन्य सदस्यों द्वारा मानसिक तथा शारीरिक रूप से परेशान किया जाता था।

परिवार के अनुसार, नाज़िया अपने माता-पिता के साथ फोन पर बातचीत के दौरान ससुराल में होने वाली परेशानियों के बारे में बताती थी। शिकायत में कहा गया है कि वह कथित तौर पर लगातार मानसिक दबाव में थी और उसके साथ शारीरिक दुर्व्यवहार भी किया जाता था। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद उसकी स्थिति लगातार खराब होती गई और वह अपने वैवाहिक जीवन को लेकर परेशान रहने लगी थी।

एफआईआर में दर्ज आरोपों के मुताबिक, नाज़िया ने अपने माता-पिता को फोन के माध्यम से ससुराल में होने वाले कथित उत्पीड़न की जानकारी दी थी। परिवार का कहना है कि वह अपने साथ हो रहे व्यवहार को लेकर चिंतित थी। परिजनों ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और घटना के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने की मांग की है।

मामले में सबसे गंभीर आरोप मृतका के परिवार की ओर से हत्या को लेकर लगाया गया है। परिजनों का कहना है कि उन्हें नाज़िया की मौत की परिस्थितियों पर संदेह है। उनका आरोप है कि उसकी हत्या की गई और बाद में घटना को आत्महत्या के रूप में पेश करने का प्रयास किया गया। हालांकि, यह परिवार की ओर से लगाए गए आरोप हैं और इनकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

नाज़िया के रक्षा मंत्रालय में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर के तौर पर कार्यरत होने की जानकारी भी सामने आई है। सरकारी सेवा में होने के कारण मामले ने गंभीरता और बढ़ा दी है। परिजनों ने पुलिस से यह भी आग्रह किया है कि नाज़िया के कार्यस्थल, फोन कॉल, संदेशों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जाए, ताकि उसकी मौत से पहले की परिस्थितियों को समझा जा सके।

परिवार के आरोपों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। जांच में यह महत्वपूर्ण होगा कि घटना के समय नाज़िया कहां थी, उसके साथ कौन-कौन लोग मौजूद थे और मौत से पहले उसकी किन लोगों से बातचीत हुई थी। इसके अलावा पुलिस कथित उत्पीड़न से संबंधित साक्ष्यों, फोन रिकॉर्ड और परिवार द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी की भी जांच कर सकती है।

नाज़िया के तीन महीने की गर्भवती होने की बात भी मामले को बेहद संवेदनशील बनाती है। परिवार का कहना है कि वह शादी के कुछ ही महीनों बाद कथित उत्पीड़न का सामना कर रही थी। ऐसे में पुलिस के सामने घटना की परिस्थितियों के साथ-साथ वैवाहिक जीवन के दौरान उसके साथ हुए कथित व्यवहार की भी जांच करना महत्वपूर्ण होगा।

परिजनों ने आरोप लगाया है कि नाज़िया को उसके पति और ससुराल पक्ष के लोगों की ओर से लगातार परेशान किया जा रहा था। उनका कहना है कि अगर समय रहते उसकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता तो शायद यह स्थिति नहीं आती। परिवार ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस के लिए अब यह पता लगाना अहम है कि नाज़िया की मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या था और क्या उसकी मौत से पहले किसी तरह का दबाव या हिंसा हुई थी। आत्महत्या और हत्या के आरोपों के बीच पुलिस को उपलब्ध भौतिक एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ानी होगी।

फिलहाल मामले में परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों को जांच के निष्कर्ष के रूप में नहीं माना जा सकता। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम समेत अन्य कानूनी प्रक्रियाओं से ही मौत की वास्तविक वजह और परिस्थितियों का पता चलेगा। घटना ने एक बार फिर वैवाहिक संबंधों में मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के मामलों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिवार को उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष तरीके से होगी और नाज़िया की मौत की वास्तविकता सामने आएगी।

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