बास्केटबॉल खिलाड़ी पर पोस्ट को लेकर मेटा को चेतावनी

Update: 2026-08-01 14:44 GMT

दिल्ली हाई कोर्ट: राष्ट्रीय स्तर के बास्केटबॉल खिलाड़ी कुशल सिंह को मानहानि मामले में अंतरिम राहत देते हुए उनके खिलाफ इंस्टाग्राम पर साझा की गई आपत्तिजनक सामग्री हटाने का निर्देश दिया है। अदालत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा को भी आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगर संबंधित व्यक्ति खुद विवादित पोस्ट, रील, स्टोरी या अन्य सामग्री नहीं हटाती है तो मेटा को आवश्यक कार्रवाई करनी होगी।

यह अंतरिम आदेश न्यायमूर्ति सचिन दत्ता की पीठ ने कुशल सिंह की ओर से दायर मानहानि वाद पर सुनवाई करते हुए दिया। अदालत ने प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित महिला को समन जारी किया है और उसे 30 दिनों के भीतर अपना लिखित जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 13 जनवरी 2027 को होगी।

कुशल सिंह ने अपनी याचिका में दावा किया था कि इंस्टाग्राम पर उनके खिलाफ लगातार ऐसी पोस्ट साझा की जा रही थीं, जिनसे उनकी सामाजिक और पेशेवर छवि को नुकसान पहुंचा। याचिका के अनुसार, वह भारतीय सीनियर राष्ट्रीय बास्केटबॉल टीम के खिलाड़ी हैं और कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

खिलाड़ी की ओर से अदालत में कहा गया कि सिंगापुर में रहने वाली एक महिला ने जुलाई 2026 से उनके खिलाफ इंस्टाग्राम पर कई पोस्ट, रील और स्टोरी साझा कीं। इन पोस्ट में उन पर यौन उत्पीड़न, यौन दुर्व्यवहार और नाबालिगों के प्रति अनुचित व्यवहार जैसे गंभीर आरोप लगाए गए। कुशल सिंह ने इन आरोपों को झूठा और मानहानिकारक बताते हुए कहा कि इससे उनकी प्रतिष्ठा और करियर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि संबंधित महिला लगातार नई सामग्री पोस्ट कर रही थी और अपने फॉलोअर्स से विभिन्न बास्केटबॉल एजेंसियों को टैग करने की अपील कर रही थी। खिलाड़ी का कहना था कि इस तरह की गतिविधियों से आरोपों को व्यापक स्तर पर फैलाने की कोशिश की जा रही थी, जिससे उनकी छवि को और नुकसान पहुंच रहा था।

सुनवाई के दौरान अदालत ने रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार किया। कोर्ट ने माना कि मामले में प्रथम दृष्टया राहत देने का आधार बनता है। इसके बाद अदालत ने विवादित पोस्ट, रील, स्टोरी, कैप्शन और अन्य संबंधित सामग्री हटाने का अंतरिम आदेश जारी किया।

दिल्ली हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि अदालत के आदेश का पालन नहीं किया जाता है तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मेटा को भी सामग्री हटाने के लिए कदम उठाने होंगे। कोर्ट का यह निर्देश सोशल मीडिया पर लगाए जाने वाले गंभीर आरोपों और व्यक्तिगत प्रतिष्ठा के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मामले में अब संबंधित महिला का जवाब आने के बाद आगे की सुनवाई होगी। अदालत यह तय करेगी कि आरोपों और दावों पर अंतिम रूप से क्या रुख अपनाया जाना है। फिलहाल, हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद कुशल सिंह को विवादित सोशल मीडिया सामग्री से राहत मिली है।

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