New Delhi , नई दिल्ली : सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने Google Android और Apple iOS को नोटिस जारी कर उन्हें अपने-अपने ऐप स्टोर से सात एप्लिकेशन हटाने का निर्देश दिया है। इन ऐप्स का कथित तौर पर ई-रिक्शा और अन्य वाहनों की बैटरी बंद करने के लिए गलत इस्तेमाल किया जा रहा था। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई उन एप्लिकेशन के खिलाफ की गई है जिनका कथित तौर पर ई-रिक्शा और वाहनों में लगी बैटरी को बंद करने के लिए गलत इस्तेमाल किया जा रहा था।
सूत्रों ने बताया कि जिन एप्लिकेशन की पहचान की गई है, उनमें BAT-BMS, SMART BMS और LOSSIGY शामिल हैं। यह कार्रवाई पिछले कुछ दिनों में ई-रिक्शा चालकों को अचानक गाड़ी रुकने और कामकाज में रुकावट जैसी समस्याओं का सामना करने की खबरों के बाद की गई है। इन एप्लिकेशन का कथित तौर पर कुछ ई-रिक्शा के कामकाज में दखल देने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था, जिससे उनके संचालन में अचानक रुकावटें आ रही थीं और चालकों व यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं पैदा हो रही थीं।
ई-रिक्शा ऑपरेटरों की ओर से वाहनों में बिना किसी स्पष्ट कारण के आ रही रुकावटों की शिकायतें मिलने के बाद केंद्र सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया। एप्लिकेशन के कथित गलत इस्तेमाल के कारण अधिकारियों को मामले की जांच करने और सुधारात्मक कार्रवाई करने के लिए प्रेरित होना पड़ा।
इस मुद्दे पर जानकारी देते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस. कृष्णन ने शुक्रवार को कहा, "कल हमारे ध्यान में कुछ ऐप्स आए थे। उन दोनों को ऐप स्टोर से हटा दिया गया है।" उन्होंने आगे कहा कि ऐप स्टोर की यह जिम्मेदारी है कि वे यह सुनिश्चित करें कि उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध कराए गए एप्लिकेशन सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा न बनें या गैर-कानूनी गतिविधियों को बढ़ावा न दें।
उन्होंने कहा, "मकसद यह है कि ऐप स्टोर को सावधानी बरतनी चाहिए और हम ऐप स्टोर के साथ इस मामले पर बात करेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नुकसान पहुंचाने वाले ऐप्स सामने न आएं।"भारत में परिवहन के किफायती और पर्यावरण के अनुकूल साधन के रूप में इलेक्ट्रिक रिक्शा के इस्तेमाल में तेजी से वृद्धि हुई है, खासकर शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में 'लास्ट-माइल कनेक्टिविटी' (अंतिम छोर तक संपर्क) के लिए।
डिजिटल सेवाओं और स्मार्टफोन-आधारित एप्लिकेशन के विस्तार के साथ, ऐसे खतरनाक सॉफ्टवेयर के खिलाफ मजबूत सुरक्षा उपायों की आवश्यकता भी बढ़ गई है जो वाहनों को नुकसान पहुंचा सकते हैं या धोखाधड़ी को बढ़ावा दे सकते हैं।
सरकार ने इन एप्लिकेशन के कामकाज के बारे में कोई और तकनीकी जानकारी आधिकारिक तौर पर नहीं दी है।