Delhi दिल्ली: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने मंगलवार को रूस की सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु से मुलाकात की। यह बैठक ब्रिक्स (BRICS) देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की 16वीं बैठक के इतर आयोजित की गई, जिसमें दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
मुलाकात के दौरान भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने ब्रिक्स फ्रेमवर्क के तहत चल रहे सहयोग की प्रगति की समीक्षा की और आने वाले समय में सहयोग के नए अवसरों पर भी विचार किया।
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य, क्षेत्रीय स्थिरता और आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर भी बातचीत हुई। दोनों देशों ने इस बात पर जोर दिया कि बदलते वैश्विक हालात में ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय मंचों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
अजीत डोभाल और सर्गेई शोइगु की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक स्तर पर सुरक्षा और भू-राजनीतिक परिस्थितियों में लगातार बदलाव देखा जा रहा है। ऐसे में दोनों देशों ने आपसी समन्वय और संवाद को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक में ब्रिक्स देशों के बीच सुरक्षा सहयोग, आतंकवाद विरोधी रणनीतियों और साइबर सुरक्षा जैसे विषयों पर भी प्राथमिक चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि साझा चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग को और प्रभावी बनाया जाना चाहिए।
भारत और रूस के बीच लंबे समय से रणनीतिक और रक्षा संबंध मजबूत रहे हैं। इस मुलाकात को दोनों देशों के बीच जारी उच्चस्तरीय संवाद की निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बैठकें द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
ब्रिक्स (BRICS) समूह, जिसमें भारत, रूस, चीन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका जैसे देश शामिल हैं, वैश्विक आर्थिक और सुरक्षा सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। इस मंच पर सदस्य देशों के बीच नियमित संवाद से वैश्विक नीतियों और रणनीतियों पर प्रभाव पड़ता है।
डोभाल और शोइगु की मुलाकात में ब्रिक्स ढांचे के तहत चल रहे विभिन्न सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग कार्यक्रमों की समीक्षा भी की गई। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों के बीच सहयोग को और गहरा करना आवश्यक है।
सूत्रों के अनुसार, बैठक का उद्देश्य केवल औपचारिक चर्चा नहीं था, बल्कि भविष्य में सुरक्षा सहयोग को व्यावहारिक रूप से मजबूत करने के उपायों पर भी विचार किया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और रूस के बीच NSA स्तर की यह बैठक दोनों देशों के बीच विश्वास और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करती है। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब अंतरराष्ट्रीय संबंधों में कई तरह के बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
कुल मिलाकर, अजीत डोभाल और सर्गेई शोइगु की यह बैठक ब्रिक्स सहयोग और भारत-रूस संबंधों को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। दोनों देशों ने भविष्य में भी नियमित संवाद और सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है।