नई दिल्ली। इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के अध्यक्ष उदय भानु चिब को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने AI समिट प्रदर्शन मामले में उनका पासपोर्ट लौटाने और जमानत की शर्तों में बदलाव करने की मांग वाली अर्जी खारिज कर दी। उदय भानु चिब ने अदालत से अनुरोध किया था कि उनके जमानत आदेश में संशोधन किया जाए, ताकि उन्हें अपना पासपोर्ट वापस मिल सके। हालांकि, दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उनकी मांग स्वीकार नहीं की।इस मामले की सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (ASJ) धीरेंद्र राणा की अदालत में हुई। उदय भानु चिब AI समिट के दौरान हुए प्रदर्शन से जुड़े मामले में नियमित जमानत पर हैं। अदालत ने जमानत देते समय उनके सामने पासपोर्ट जमा करने की शर्त रखी थी। अब इसी शर्त में राहत पाने के लिए उन्होंने अदालत का रुख किया था।
जमानत के समय जमा करना पड़ा था पासपोर्ट
उदय भानु चिब को 28 फरवरी 2026 को नियमित जमानत देते समय अदालत ने निर्देश दिया था कि वह अपना पासपोर्ट कोर्ट में जमा करेंगे। जमानत की शर्तों के तहत पासपोर्ट अदालत के पास रखा गया था। बाद में उन्होंने इस शर्त में बदलाव की मांग करते हुए आवेदन दाखिल किया।उनकी अर्जी का उद्देश्य पासपोर्ट वापस प्राप्त करना था। इसके लिए अदालत से जमानत आदेश में संशोधन करने का अनुरोध किया गया था। हालांकि, अदालत ने मामले में उपलब्ध तथ्यों और दिल्ली पुलिस की आपत्तियों पर विचार करने के बाद आवेदन खारिज कर दिया।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने किया विरोध
उदय भानु चिब की अर्जी का दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने विरोध किया। पुलिस की ओर से अदालत के समक्ष दलीलें रखी गईं, जिसके बाद न्यायाधीश धीरेंद्र राणा ने दोनों पक्षों की बातों पर विचार किया।सुनवाई के बाद अदालत ने पासपोर्ट जारी करने के लिए जमानत की शर्तों में बदलाव करने से इनकार कर दिया। इस फैसले के बाद फिलहाल उदय भानु चिब को पासपोर्ट वापस नहीं मिल सका है।इस मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच पहले ही अदालत में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। हालांकि, पासपोर्ट संबंधी आवेदन पर अदालत का फैसला अलग से आया है।
क्या है AI समिट प्रदर्शन मामला?
यह मामला AI समिट के दौरान हुए प्रदर्शन से जुड़ा है। इस प्रकरण में इंडियन यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब नियमित जमानत पर हैं। जमानत देते समय अदालत ने कुछ शर्तें निर्धारित की थीं, जिनमें पासपोर्ट जमा करना भी शामिल था।किसी आरोपी को जमानत देते समय अदालत परिस्थितियों के अनुसार विभिन्न शर्तें लगा सकती है। इन शर्तों में बदलाव के लिए संबंधित व्यक्ति अदालत में आवेदन कर सकता है। हालांकि, ऐसे आवेदन पर राहत देना या उसे खारिज करना अदालत के विवेक और मामले के तथ्यों पर निर्भर करता है।उदय भानु चिब ने भी इसी कानूनी प्रक्रिया के तहत पासपोर्ट वापस पाने के लिए आवेदन दिया था, लेकिन अदालत ने उनकी मांग स्वीकार नहीं की।
फिलहाल पासपोर्ट वापस मिलने का रास्ता बंद
पटियाला हाउस कोर्ट के इस फैसले से उदय भानु चिब को फिलहाल पासपोर्ट वापस नहीं मिल पाया है। अदालत ने उनकी अर्जी खारिज करते हुए जमानत की शर्तों में बदलाव की मांग को स्वीकार नहीं किया।इस घटनाक्रम के बाद AI समिट प्रदर्शन मामले में कानूनी कार्यवाही पर नजर बनी हुई है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, क्राइम ब्रांच चार्जशीट दाखिल कर चुकी है और उदय भानु चिब नियमित जमानत पर हैं। पासपोर्ट वापस देने से संबंधित उनकी मांग पर अदालत ने राहत देने से इनकार कर दिया है।