गाजियाबाद। दिल्ली से सटे गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में प्रशासन ने प्रदूषण फैलाने वाली अवैध फैक्ट्रियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार को विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम ने इलाके में अभियान चलाकर 25 अवैध फैक्ट्रियों को सील कर दिया। इन फैक्ट्रियों में बिना अनुमति धातु गलाने का काम किया जा रहा था, जिससे आसपास के क्षेत्र में वायु प्रदूषण बढ़ रहा था।

प्रशासन की कार्रवाई के बाद अवैध फैक्ट्री संचालकों में हड़कंप मच गया। कई फैक्ट्री संचालक कार्रवाई की सूचना मिलते ही मौके से फरार हो गए। टीम ने फैक्ट्रियों को बंद कराने के साथ-साथ उनके बिजली कनेक्शन भी काट दिए, ताकि दोबारा अवैध गतिविधियां शुरू न हो सकें।

जानकारी के अनुसार, लोनी क्षेत्र में लंबे समय से कुछ स्थानों पर अवैध रूप से फैक्ट्रियां संचालित होने की शिकायतें मिल रही थीं। इन फैक्ट्रियों में धातु गलाने का काम किया जा रहा था। इस प्रक्रिया के दौरान निकलने वाला धुआं और जहरीली गैसें आसपास के वातावरण को प्रभावित कर रही थीं। स्थानीय लोगों ने भी कई बार प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को लेकर शिकायतें की थीं।

शिकायतों के आधार पर प्रशासन ने विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम का गठन किया। टीम में संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे। मंगलवार को टीम ने लोनी क्षेत्र में पहुंचकर एक-एक कर अवैध फैक्ट्रियों की जांच शुरू की। जांच के दौरान कई फैक्ट्रियां बिना जरूरी अनुमति और नियमों के संचालित पाई गईं।

अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर फैक्ट्रियों के दस्तावेजों की जांच की। जिन फैक्ट्रियों के पास संचालन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज नहीं मिले या जो पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करती पाई गईं, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई। इसके बाद 25 फैक्ट्रियों को सील कर दिया गया।

प्रशासनिक टीम ने कार्रवाई के दौरान बिजली विभाग को भी साथ रखा। सील की गई फैक्ट्रियों के बिजली कनेक्शन काट दिए गए, ताकि संचालक दोबारा मशीनें चलाकर काम शुरू न कर सकें। अधिकारियों ने साफ किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

इस कार्रवाई से इलाके में अवैध कारोबार करने वाले लोगों में चिंता बढ़ गई है। कई फैक्ट्री संचालक कार्रवाई की भनक लगते ही मौके से निकल गए। हालांकि प्रशासन ने कहा है कि फरार लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है और उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का कहना है कि लोनी क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है। अवैध फैक्ट्रियों के कारण न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा था, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।

विशेषज्ञों के अनुसार, धातु गलाने वाली इकाइयों से निकलने वाला धुआं हवा की गुणवत्ता को खराब कर सकता है। इसमें मौजूद हानिकारक तत्व सांस संबंधी समस्याओं का कारण बन सकते हैं। यही वजह है कि ऐसी इकाइयों के संचालन के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में भी लोनी क्षेत्र में इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि बिना अनुमति और पर्यावरण नियमों का उल्लंघन कर चल रही फैक्ट्रियों पर रोक लगाई जाए।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र में प्रदूषण की समस्या बनी हुई थी। अवैध फैक्ट्रियों के खिलाफ सख्त कदम उठने से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

फिलहाल प्रशासन ने 25 फैक्ट्रियों को सील कर दिया है और आगे की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाली अन्य इकाइयों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

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