नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने राजधानी में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सौर ऊर्जा नीति में बड़ा संशोधन किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को प्रेसवार्ता कर बताया कि कैबिनेट ने इस नीति संशोधन को मंजूरी दे दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर योजना दिल्ली में उम्मीद के मुताबिक गति नहीं पकड़ पा रही थी। इसके कारणों का अध्ययन करने के बाद सरकार ने नीति में कई व्यावहारिक बदलाव किए हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग अपने घरों पर सोलर प्लांट लगवा सकें।
400 यूनिट तक बिजली खपत वालों को मिलेगा लाभ
नई व्यवस्था के तहत दिल्ली में ऐसे घरेलू उपभोक्ता जिनकी मासिक बिजली खपत 400 यूनिट तक है, उनके घरों पर तीन किलोवाट क्षमता तक का सोलर प्लांट पूरी तरह मुफ्त लगाया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य है कि आम उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए आर्थिक बोझ न उठाना पड़े और वे आसानी से स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सौर ऊर्जा से न केवल बिजली की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
इंसेंटिव का भुगतान पहले ही होगा
नीति संशोधन का एक बड़ा बदलाव सोलर पैनल लगाने पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि को लेकर किया गया है।
पहले उपभोक्ताओं को पांच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से इंसेंटिव मिलता था। अब सरकार ने फैसला लिया है कि पांच साल तक मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का भुगतान सोलर प्लांट लगाने के समय ही अग्रिम रूप से कर दिया जाएगा।
इससे लोगों को शुरुआत में ही आर्थिक लाभ मिलेगा और सोलर सिस्टम लगाने के प्रति उनका भरोसा बढ़ेगा।
पीएम सूर्य घर योजना को मिलेगी गति
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना का उद्देश्य लोगों को अपनी छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
लेकिन दिल्ली में योजना की रफ्तार अपेक्षाकृत कम रही। इसके पीछे लोगों की जागरूकता, प्रक्रिया और आर्थिक पहलुओं से जुड़ी कुछ चुनौतियां सामने आईं।
अब संशोधित नीति के जरिए इन समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया गया है।
बिजली बिल में आएगी कमी
सरकार का मानना है कि सोलर प्लांट लगने से उपभोक्ताओं के बिजली बिल में कमी आएगी।
घरों में खुद बिजली उत्पादन होने से ग्रिड पर निर्भरता कम होगी और अतिरिक्त बिजली को लेकर भी उपभोक्ताओं को लाभ मिल सकता है।
सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने से दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।
पर्यावरण संरक्षण पर सरकार का जोर
दिल्ली सरकार लगातार स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है।
राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सौर ऊर्जा जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा सरकारी और निजी भवनों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाए जाएं।
आम लोगों को मिलेगा सीधा फायदा
नई नीति से मध्यम और निम्न आय वर्ग के घरेलू उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है।
मुफ्त सोलर प्लांट और अग्रिम इंसेंटिव जैसी सुविधाओं से लोगों के लिए सौर ऊर्जा अपनाना आसान होगा।
सरकार का दावा है कि इससे दिल्ली के हजारों परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी।
नीति को बनाया गया ज्यादा सरल
मुख्यमंत्री ने कहा कि संशोधन का उद्देश्य नीति को ज्यादा प्रभावी और लोगों के लिए आसान बनाना है।
सरकार चाहती है कि आवेदन प्रक्रिया, वित्तीय सहायता और सोलर प्लांट लगाने की पूरी व्यवस्था में लोगों को कम से कम परेशानी हो।
दिल्ली में बढ़ेगा सौर ऊर्जा का इस्तेमाल
नई नीति लागू होने के बाद दिल्ली में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
सरकार का कहना है कि यह कदम दिल्ली को स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में आगे ले जाएगा और भविष्य में बिजली की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा।
दिल्ली सौर ऊर्जा नीति में किए गए ये बदलाव राजधानी में अक्षय ऊर्जा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।