Delhi दिल्ली: विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बीच सोमवार के बाद पांच और भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। इसके साथ ही अब तक बचाए गए भारतीयों की कुल संख्या बढ़कर 163 हो गई है। मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी कि मंगलवार को 151 भारतीय नागरिक चीन से रवाना हुए। विदेश मंत्रालय के अनुसार, चिलिमे क्षेत्र स्थित जलविद्युत परियोजना की सुरंगों तक पहुंच बनाने के बाद भारतीय सुरंग बचाव दल को कई कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इनमें बेहद सीमित जगह, भौगोलिक परिस्थितियों के कारण विशेष उपकरणों के उपयोग में दिक्कत और सुरंग के भीतर दलदली फर्श जैसी स्थितियां शामिल थीं।
मंत्रालय ने कहा कि भारतीय टीम ने नवाचारपूर्ण तरीकों और अस्थायी तैरने वाले उपकरणों (फ्लोट्स) का उपयोग कर सुरंग के और अंदर तक पहुंचने में सफलता हासिल की। टीम बुधवार को भी अपना अभियान जारी रखेगी और सुरंग में फंसे लोगों को बचाने का प्रयास करेगी। विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत की फॉरेंसिक टीम ने भी मंगलवार को नेपाल के विशेषज्ञों के साथ मिलकर अपने कार्यों का विस्तार किया। टीम डीएनए नमूनों की जांच और विश्लेषण जैसे कार्य कर रही है, जिससे नेपाल में डीएनए सैंपलों की प्रक्रिया को तेज करने में मदद मिलेगी।
नेपाल में पिछले सप्ताह आई भीषण बाढ़ के बाद अब तक 1,000 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। विभिन्न जिलों में नदियों के किनारों पर लगातार शव मिलने का सिलसिला जारी है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, मंगलवार तक 1,003 शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें सबसे अधिक 321 शव चितवन जिले से मिले हैं, जबकि 216 शव नवलपरासी पूर्व जिले से बरामद किए गए हैं।
प्राधिकरण के मुताबिक, 583 विदेशी नागरिकों सहित 3,916 लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों में नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल, नेपाल पुलिस और अन्य सरकारी कर्मचारी भी शामिल हैं। इसके अलावा, भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्र में स्थित विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं में कार्यरत 639 कर्मचारी पिछले सप्ताह आई आपदा के बाद से अब तक संपर्क में नहीं हैं। नेपाल सरकार ने कहा है कि प्रभावित जिलों में खोज, बचाव और राहत अभियान लगातार जारी हैं।
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