अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने भारत की श्रम संहिताओं का किया स्वागत

Update: 2025-11-22 17:01 GMT
New Delhi, नई दिल्ली : अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) और अंतर्राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा संघ (आईएसएसए) जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने 21 नवंबर, 2025 को चार श्रम संहिताओं को प्रभावी करने की भारत सरकार की घोषणा का स्वागत किया है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अनुसार, "इन सुधारों को सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने, न्यूनतम मजदूरी ढांचे को बढ़ाने और संस्थागत क्षमता निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में मान्यता देते हुए, इन वैश्विक निकायों ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत के प्रयास समावेशी और आधुनिक श्रम प्रणालियों पर व्यापक अंतर्राष्ट्रीय विमर्श में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। उनकी टिप्पणियाँ वैश्विक श्रम और सामाजिक सुरक्षा मानकों को आकार देने में भारत के बढ़ते नेतृत्व को और रेखांकित करती हैं।" अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के महानिदेशक ने अपने पोस्ट में कहा: " आज घोषित भारत के नए श्रम संहिताओं, जिनमें सामाजिक सुरक्षा और न्यूनतम मज़दूरी शामिल हैं, के घटनाक्रमों पर रुचि के साथ नज़र रख रहा हूँ। सुधारों के कार्यान्वयन के दौरान सरकार, नियोक्ताओं और श्रमिकों के बीच सामाजिक संवाद आवश्यक बना रहेगा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ये सुधार श्रमिकों और व्यवसायों के लिए सकारात्मक हों।"
आईएसएसए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपने पोस्ट में कहा, " भारत की श्रम संहिताएं मजबूत, अधिक समावेशी सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों के लिए वैश्विक प्रयासों को गति प्रदान करती हैं। आईएसएसए इस उपलब्धि का स्वागत करता है और कवरेज, संरक्षण और संस्थागत क्षमता में निरंतर निवेश को प्रोत्साहित करता है।" प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के ये वक्तव्य भारत की श्रम संहिताओं के प्रति सकारात्मक वैश्विक प्रतिक्रिया को दर्शाते हैं , विशेष रूप से उचित मजदूरी को आगे बढ़ाने, सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार करने और कार्यबल के अधिक औपचारिकीकरण को बढ़ावा देने में।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने भारत के श्रम पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूत करने तथा सुधारों के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए वैश्विक संस्थाओं और घरेलू हितधारकों के साथ निरंतर सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
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