गोंडा: विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने गुरुवार को पड़ोसी देश नेपाल में बाढ़ से हुई तबाही पर चिंता जताते हुए कहा कि भारत नेपाल की हर संभव मदद करेगा।उत्तर प्रदेश के गोंडा में ANI से बात करते हुए सिंह ने कहा, "यह बहुत दुखद है और हर संभव कोशिश की जा रही है। भारत अपने मित्र देश की मदद के लिए हर मुमकिन कोशिश करेगा।" बुधवार को भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने नेपाल के तीन जिलों में भारी तबाही मचाई। इससे कई लोगों की जान चली गई और विदेशी पर्यटकों समेत कई लोग लापता हो गए। साथ ही, निजी और सार्वजनिक संपत्ति भी बह गई। यह हाल के वर्षों में देश की सबसे बड़ी आपदाओं में से एक है।
नेपाली अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ बुधवार सुबह करीब 9 बजे (स्थानीय समय) जिले के मुख्य बाजार इलाके में आई और फिर स्याफ्रुबेसी और नदी के निचले इलाकों की ओर बढ़ी। नेपाली अखबार 'द काठमांडू पोस्ट' के मुताबिक, इसने रास्ते में आने वाली लगभग हर चीज़ को अपनी चपेट में ले लिया, जिसमें लोग, जानवर, इमारतें और सार्वजनिक बुनियादी ढांचा शामिल थे।कोलकाता में नेपाल के महावाणिज्य दूतावास में डिप्टी कॉन्सल जनरल दीपेश लेखक ने आज कहा कि तिब्बत-नेपाल सीमा पर आई विनाशकारी बाढ़ के बाद बचाव अभियान चलाने के लिए नेपाल सरकार की सभी एजेंसियां - जिनमें सेना, पुलिस और सशस्त्र बल शामिल हैं - मिलकर काम कर रही हैं।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, 288 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है, जबकि मानसरोवर यात्रा पर गए लगभग 200 भारतीयों ने सुरक्षित बाहर निकाले जाने की मांग की है।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आज कहा कि सद्गुरु के ईशा फाउंडेशन का एक बड़ा समूह भी हिमालयी देश में लापता है, जबकि तमिलनाडु के 21 लोगों को बचा लिया गया है। उन्होंने कहा कि कई भारतीय चीन की तरफ भी फंसे हुए हैं।
नेपाल के अधिकारियों के अनुसार, इस भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 258 हो गई है और 910 लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें 288 भारतीय नागरिक शामिल हैं। यह हाल के वर्षों में देश की सबसे बड़ी आपदाओं में से एक है।
कई राज्य सरकारों और काठमांडू में भारतीय दूतावास ने आपातकालीन हेल्पलाइन शुरू की हैं।
इस आपदा से दर्जनों पुल और सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जबकि नेपाल के सुरक्षा बलों ने हेलीकॉप्टर और ज़मीनी टीमों का इस्तेमाल करके बचाव और राहत कार्यों को तेज़ कर दिया है। प्रभावित लोगों को मेडिकल मदद, अस्थायी आश्रय, भोजन, पानी और दवाइयां दी जा रही हैं।
नेपाल में भारतीय दूतावास ने मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं: +977 985 131 6807, +977 970 910 7500 और +977 981 032 6117, जो WhatsApp पर भी उपलब्ध हैं।
भारत ने नेपाल के लिए मानवीय सहायता बढ़ा दी है। विदेश मंत्रालय ने बताया है कि बाढ़ से प्रभावित देश के लिए दूसरी उड़ान रवाना हो गई है, जिसमें 37.5 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) सामग्री, दवाइयां और भोजन के पैकेट भेजे गए हैं।