नई दिल्ली। भारत के सैन्य अभियान **ऑपरेशन सिंदूर** पर बनी डॉक्यूमेंट्री को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय पक्ष की ओर से जारी इस डॉक्यूमेंट्री में ऑपरेशन से जुड़े घटनाक्रम, रणनीति और सुरक्षा अधिकारियों के अनुभवों को दिखाया गया है। इसके सामने आने के बाद पाकिस्तान की सेना और वहां के अधिकारियों ने इस पर आपत्ति जताते हुए भारत पर कई आरोप लगाए हैं।
पाकिस्तान की ओर से दावा किया गया है कि डॉक्यूमेंट्री में ऑपरेशन सिंदूर को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है और इसमें तथ्यों को तोड़-मरोड़कर दिखाया गया है। वहीं भारत का पक्ष है कि यह डॉक्यूमेंट्री देश की सुरक्षा नीति और आतंकवाद के खिलाफ की गई कार्रवाई को सामने रखने का प्रयास है।
ऑपरेशन सिंदूर पर बनी डॉक्यूमेंट्री से बढ़ी हलचल
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बनाई गई डॉक्यूमेंट्री में भारतीय सुरक्षा तंत्र और सैन्य नेतृत्व से जुड़े लोगों के अनुभवों को शामिल किया गया है। इसमें बताया गया है कि किस तरह आतंकवादी ढांचे के खिलाफ रणनीतिक कार्रवाई की गई और किस आधार पर फैसले लिए गए।
डॉक्यूमेंट्री में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों के विचार भी शामिल किए गए हैं। भारतीय पक्ष ने इसे देश की सुरक्षा रणनीति और आतंकवाद के खिलाफ मजबूत संदेश के रूप में पेश किया है।
पाकिस्तान ने लगाए डॉक्यूमेंट्री पर आरोप
डॉक्यूमेंट्री सामने आने के बाद पाकिस्तान की सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने प्रतिक्रिया दी। पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि भारत ने इस डॉक्यूमेंट्री के जरिए एकतरफा कहानी पेश करने की कोशिश की है।
पाकिस्तानी सेना ने इसे वास्तविक घटनाओं की बजाय प्रचार अभियान बताया और दावा किया कि इसमें घटनाओं को नाटकीय तरीके से दिखाया गया है। हालांकि, भारत की ओर से इसे सुरक्षा कार्रवाई से जुड़े तथ्यों और रणनीतिक जानकारी का प्रस्तुतीकरण बताया गया है।
क्या था ऑपरेशन सिंदूर?
ऑपरेशन सिंदूर भारत की ओर से चलाया गया एक सैन्य अभियान था, जिसे पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद अंजाम दिया गया। भारत के अनुसार, इस कार्रवाई का उद्देश्य पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाना था। 
भारत ने कहा था कि यह अभियान आतंकवादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने के लिए सीमित और लक्षित कार्रवाई थी। भारतीय अधिकारियों के अनुसार, इसका उद्देश्य आतंकवाद के खिलाफ जवाब देना था, न कि किसी बड़े युद्ध को बढ़ावा देना।
NSA डोभाल के बयान की भी चर्चा
डॉक्यूमेंट्री में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बयान की भी चर्चा हो रही है। उन्होंने भारत की सुरक्षा नीति को लेकर कहा कि देश की सहनशीलता को कमजोरी नहीं समझना चाहिए। उन्होंने यह संदेश दिया कि भारत अपनी सुरक्षा के लिए कड़े फैसले लेने की क्षमता रखता है।
उनके बयान के बाद पाकिस्तान में भी प्रतिक्रिया सामने आई। पाकिस्तान की ओर से लगातार यह प्रयास किया गया कि ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े घटनाक्रम को अलग नजरिए से पेश किया जाए।
भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ी बयानबाजी
ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर बयानबाजी होती रही है। दोनों देशों ने अपने-अपने पक्ष को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर रखने की कोशिश की है।
डॉक्यूमेंट्री के जरिए भारत ने अपने सुरक्षा दृष्टिकोण को सामने रखा है, जबकि पाकिस्तान इसे चुनौती देने की कोशिश कर रहा है। इससे दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव और चर्चा का विषय बन गया है।
दुनिया की नजर भारत-पाक रिश्तों पर
भारत और पाकिस्तान के बीच किसी भी सैन्य कार्रवाई या सुरक्षा मुद्दे को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर रहती है। दोनों देशों के बीच संबंध लंबे समय से संवेदनशील रहे हैं और किसी भी बड़े घटनाक्रम का असर क्षेत्रीय राजनीति पर पड़ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सैन्य अभियानों से जुड़े नैरेटिव को लेकर दोनों देशों के बीच सूचना युद्ध भी चलता रहता है। ऐसे में दोनों पक्ष अपने-अपने नजरिए को जनता और दुनिया के सामने रखने की कोशिश करते हैं।
आगे भी जारी रह सकती है राजनीतिक लड़ाई
ऑपरेशन सिंदूर पर बनी डॉक्यूमेंट्री के बाद साफ है कि भारत और पाकिस्तान के बीच केवल सीमा और सुरक्षा के स्तर पर ही नहीं, बल्कि सूचना और कूटनीतिक स्तर पर भी मुकाबला जारी है।
जहां भारत इसे आतंकवाद के खिलाफ अपनी कार्रवाई और रणनीतिक क्षमता के प्रदर्शन के रूप में पेश कर रहा है, वहीं पाकिस्तान इसकी आलोचना कर अपना पक्ष रखने में जुटा है।
फिलहाल ऑपरेशन सिंदूर पर बनी डॉक्यूमेंट्री दोनों देशों के बीच नई बहस का कारण बन गई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और कूटनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
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