भारत और ASEAN ने अपनाया संयुक्त वक्तव्य, सतत पर्यटन और पर्यावरणीय संरक्षण को बढ़ावा देने का संकल्प

Update: 2025-10-26 17:57 GMT
Delhi दिल्ली: भारत और ASEAN देशों ने सतत पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त वक्तव्य अपनाया है। यह पहल पर्यटन उद्योग में हरित और ईको-फ्रेंडली प्रथाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है। दोनों पक्षों ने प्रदूषण में कमी और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को प्राथमिकता देने का संकल्प लिया। संयुक्त बयान में कहा गया है कि पर्यटन उद्योग का विकास आर्थिक और सामाजिक लाभ तो लाता ही है, लेकिन इसके साथ ही प्रदूषण, प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक उपयोग और पारिस्थितिकी संतुलन में खलल जैसी चुनौतियां भी सामने आती हैं। भारत और ASEAN ने मिलकर यह सुनिश्चित करने का वचन दिया है कि पर्यटन गतिविधियां पर्यावरण पर न्यूनतम नकारात्मक प्रभाव डालें।
इस पहल के तहत दोनों पक्ष ईको-फ्रेंडली होटल, रिसॉर्ट्स और पर्यटन स्थलों के निर्माण को प्रोत्साहित करेंगे। साथ ही सौर ऊर्जा, जल प्रबंधन और कचरा प्रबंधन जैसी हरित प्रथाओं को अपनाने पर जोर दिया जाएगा। बयान में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्थानीय समुदायों को पर्यटन गतिविधियों में शामिल कर उनके लिए रोजगार और सामाजिक लाभ सुनिश्चित किए जाएंगे। भारत और ASEAN ने पर्यावरणीय जागरूकता बढ़ाने के लिए शिक्षा और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की योजना बनाने पर भी सहमति जताई है। पर्यटन कर्मियों और स्थानीय निवासियों को प्रदूषण नियंत्रण, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और सतत पर्यटन के महत्व के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा।
संयुक्त वक्तव्य में यह भी कहा गया है कि दोनों पक्ष जलवायु परिवर्तन और पारिस्थितिकी संरक्षण के वैश्विक लक्ष्यों के अनुरूप पर्यटन नीतियों का निर्माण करेंगे। इसके तहत कार्बन उत्सर्जन में कमी, प्लास्टिक उपयोग में कटौती और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा जैसी रणनीतियों को लागू किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल न केवल पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत और ASEAN देशों के पर्यटन उद्योग में आर्थिक स्थिरता और गुणवत्ता भी सुनिश्चित करेगी। हरित पर्यटन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय रोजगार सृजन दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
संयुक्त बयान ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में भारत और ASEAN के बीच पर्यटन सहयोग और तकनीकी साझेदारी और मजबूत होगी। दोनों पक्ष पर्यटन स्थलों पर निगरानी और रिपोर्टिंग तंत्र स्थापित करेंगे, ताकि सतत पर्यटन नीतियों का पालन सुनिश्चित हो सके। कुल मिलाकर, यह संयुक्त वक्तव्य पर्यावरणीय जागरूकता, हरित पर्यटन और प्रदूषण नियंत्रण के क्षेत्र में भारत और ASEAN के बीच सहयोग को नई दिशा देगा। यह पहल न केवल पर्यटन उद्योग के विकास में योगदान करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के वैश्विक लक्ष्यों की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
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