नई दिल्ली। गुजरात के एकता नगर में 31 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाला राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह इस बार बेहद भव्य और खास होने जा रहा है। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने बुधवार को बताया कि इस वर्ष समारोह में करीब 25 हजार लोगों के शामिल होने की व्यवस्था की गई है। इनमें वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित रहे देश के 126 जिलों से लगभग 5 हजार प्रतिभागियों को आमंत्रित किया जाएगा। कार्यक्रम में राष्ट्रीय एकता, नक्सलवाद के खिलाफ अभियान की उपलब्धियों और नशा मुक्त भारत के संदेश को प्रमुखता दी जाएगी। सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर आयोजित इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे।
126 जिलों से पहुंचेंगे पांच हजार प्रतिभागी
केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने बताया कि इस बार राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह की सबसे बड़ी विशेषता नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों के लोगों की भागीदारी होगी। देश के ऐसे 126 जिलों से लगभग पांच हजार लोगों को आमंत्रित किया जा रहा है, जहां कभी वामपंथी उग्रवाद का प्रभाव रहा है।इन प्रतिभागियों के माध्यम से नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के संघर्ष, चुनौतियों और बदलती परिस्थितियों को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। आयोजन का उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों में राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता का संदेश पहुंचाना भी है।
दो हजार कलाकार देंगे विशेष प्रस्तुति
समारोह के दौरान राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से जुड़े लगभग दो हजार कलाकार विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति देंगे। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आम नागरिकों को झेलनी पड़ी कठिनाइयों और हिंसा के दौर को दर्शाया जाएगा।कलाकार अपने प्रदर्शन से यह दिखाने का प्रयास करेंगे कि किस तरह उग्रवाद ने लोगों के जीवन, संपत्ति और आजीविका को प्रभावित किया था। कार्यक्रम के जरिए शांति, विकास और सामाजिक एकता का संदेश देने की तैयारी है।
नशा मुक्त भारत का दिया जाएगा संदेश
इस वर्ष राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में 'नशा मुक्त भारत' अभियान को भी विशेष स्थान दिया गया है। आयोजन के माध्यम से युवाओं और आम नागरिकों को नशीले पदार्थों से दूर रहने तथा स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए प्रेरित किया जाएगा।आधिकारिक कार्यक्रम विवरण के अनुसार, नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के बाइक सवारों तथा सीआरपीएफ जवानों की एक विशेष बाइक रैली भी आयोजित की जाएगी। यह रैली 31 अक्टूबर को एकता नगर पहुंचेगी और राष्ट्रीय एकता दिवस परेड का हिस्सा बनेगी।
प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में होगी परेड
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित भव्य परेड में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और विभिन्न राज्यों के पुलिस बलों के जवान हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में होने वाली इस परेड के जरिए सुरक्षा बलों के अनुशासन, साहस और देश की एकता के प्रति समर्पण को प्रदर्शित किया जाएगा।समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विशेष झांकियों के माध्यम से भारत की विविधता तथा राष्ट्र निर्माण की उपलब्धियों को भी दिखाया जाएगा।
चार महीने पहले शुरू हुई तैयारियां
गृह सचिव गोविंद मोहन ने बताया कि राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह की तैयारियां इस बार लगभग चार महीने पहले ही शुरू कर दी गई थीं। सामान्य तौर पर ऐसे आयोजन की तैयारी में दो से ढाई महीने का समय लगता है।इस वर्ष आयोजन का दायरा बढ़ाने, अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने और नई गतिविधियों को शामिल करने के कारण तैयारियां पहले शुरू की गईं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों की मौजूदगी को देखते हुए व्यापक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
सरदार पटेल के योगदान को किया जाएगा याद
राष्ट्रीय एकता दिवस हर साल 31 अक्टूबर को देश के पहले उपप्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर मनाया जाता है। स्वतंत्रता के बाद रियासतों के एकीकरण और मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करने में सरदार पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।गुजरात के एकता नगर स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में आयोजित होने वाला यह समारोह उनके योगदान को याद करने के साथ देशवासियों में एकता, अखंडता और राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करने पर केंद्रित रहेगा।इस वर्ष आयोजन में नक्सल प्रभावित रहे जिलों के नागरिकों की भागीदारी और नशा मुक्ति अभियान को विशेष महत्व दिया जा रहा है। इसके माध्यम से देश को एकजुट, सुरक्षित और विकसित बनाने का संदेश देने की तैयारी है।
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