NEET मामले में राहुल के प्रदर्शन पर गीतांजलि आंग्मो नाराज

Update: 2026-07-23 09:28 GMT

नई दिल्ली :  NEET पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के बाहर किए गए प्रदर्शन को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी वास्तव में छात्रों के मुद्दे को लेकर गंभीर होते तो उन्हें जंतर-मंतर पर जाकर छात्रों के साथ बैठना चाहिए था।

एक टीवी इंटरव्यू में गीतांजलि आंग्मो ने राहुल गांधी के कदम को लेकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ खड़े होने का सही तरीका यही होता कि नेता उनके बीच जाकर उनकी आवाज उठाते। उन्होंने आरोप लगाया कि PMO के बाहर किया गया प्रदर्शन ईमानदार प्रयास नहीं लगा और इसे उन्होंने “नॉन सिंसियर कदम” बताया।

गीतांजलि आंग्मो ने कहा कि आज का भारत जागरूक है और लोग किसी भी तरह के राजनीतिक दिखावे को आसानी से स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति या पार्टी देश के बेहतर भविष्य और छात्रों के हितों की चिंता करती है, उसका वह समर्थन करती हैं। लेकिन किसी भी मुद्दे पर समर्थन तभी प्रभावी होता है, जब उसमें ईमानदारी और संवेदनशीलता दिखाई दे।

उन्होंने कहा, “अगर कोई व्यक्ति वास्तव में छात्रों के लिए चिंतित है तो उसे उनके बीच जाकर खड़ा होना चाहिए। जंतर-मंतर पर छात्र अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, ऐसे में वहीं जाकर उनका साथ देना ज्यादा उचित होता।”

इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी ने भी राहुल गांधी के प्रदर्शन पर निशाना साधा है। आम आदमी पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गीतांजलि आंग्मो के बयान वाला वीडियो साझा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर किया गया प्रदर्शन बनावटी था। पार्टी ने दावा किया कि अगर छात्रों के मुद्दे को लेकर गंभीरता होती तो राहुल गांधी को जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ खड़ा होना चाहिए था।

वहीं, इस पूरे विवाद के बीच केंद्र सरकार की ओर से भी विपक्ष पर हमला बोला गया है। केंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बुधवार रात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह NEET मामले को लेकर राजनीति कर रहा है और छात्रों के हितों के बजाय इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है।

दरअसल, मंगलवार को राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर जाकर प्रदर्शन किया था, जिसके बाद सरकार और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ गया। विपक्ष ने NEET पेपर लीक मामले में सरकार पर सवाल उठाए और छात्रों के लिए न्याय की मांग की। इसके जवाब में सरकार ने भी विपक्ष के आरोपों पर पलटवार किया।

इसी बीच केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने अनशन कर रहे सोनम वांगचुक से मुलाकात की और उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की। सरकार की ओर से कहा गया कि छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से काम किया जा रहा है।

NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्र और विपक्षी दल लगातार विरोध कर रहे हैं। जहां विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, वहीं सरकार जांच और कार्रवाई की बात कह रही है। इस बीच गीतांजलि आंग्मो के बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।

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