एसआईआर को लेकर महापौर ने विपक्ष पर साधा निशाना
एसआईआर पर विपक्ष के खिलाफ महापौर का हमला
नई दिल्ली: दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर आम आदमी पार्टी (आआपा) और कांग्रेस पर भारत निर्वाचन आयोग की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल पहले ईवीएम के नाम पर चुनाव आयोग को निशाना बनाते थे और अब एसआईआर को मुद्दा बनाकर संवैधानिक संस्था की प्रतिष्ठा प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं।
महापौर प्रवेश वाही ने उपमहापौर डॉ. मोनिका पंत की मौजूदगी में सोमवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि आआपा नेता अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा संवैधानिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा पर सवाल उठाना कोई नई बात नहीं है।
वाही ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल के दिल्ली के मुख्यमंत्री रहते दिल्ली नगर निगम के फंड रोककर उसकी कार्यप्रणाली को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में निगम चुनाव के बाद भी करीब दो वर्ष तक नगर निगम का संवैधानिक गठन नहीं होने दिया गया, जिससे निगम की स्वायत्तता प्रभावित हुई।
महापौर और उपमहापौर ने संयुक्त बयान में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आज एसआईआर को लोकतंत्र के लिए खतरा बताने वाले कांग्रेस नेताओं को आपातकाल के दौर को भी याद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश लोकतंत्र से जुड़े उस दौर की घटनाओं को नहीं भूला है।
वाही ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में पंचायत, नगर पालिका, नगर निगम से लेकर विधानसभा चुनावों तक विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने के लिए अलग-अलग मुद्दे उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि अब एसआईआर को भी इसी उद्देश्य से मुद्दा बनाया जा रहा है।
उन्होंने कांग्रेस पर चुनाव आयोग से जुड़े पुराने घटनाक्रमों को लेकर भी निशाना साधा। वाही ने कहा कि देश उन घटनाओं को नहीं भूला है, जिनमें पूर्व चुनाव आयुक्त एसएल शकधर और एमएस गिल को लेकर कांग्रेस पर पक्षपात के आरोप लगाए गए, जबकि पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन के साथ टकराव की स्थिति बनी थी।