Ghaziabad: साइबर अपराधियों ने लिंक के जरिए क्रेडिट कार्ड से निकाले 1.82 लाख

"पीड़ित ने कविनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया"

Update: 2025-05-16 12:05 GMT

गाजियाबाद: साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। राजनगर निवासी मुनीश कौशिक को साइबर ठग ने मोबाइल पर मैसेज भेजा कि आपका पत्र पर सही पता नहीं लिखा है, सही पता दिए गए लिंक पर लिखें और 25 रुपये ट्रांसफर कर दें। झांसे में आए मुनीश कौशिक ने लिंक पर जानकारी और 25 रुपये ट्रांसफर किए तो उनके क्रेडिट कार्ड से एक लाख 82 हजार 974 रुपये ट्रांसफर कर लिए गए। पीड़ित ने कविनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।

एसीपी कविनगर स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित मुनीश कौशिक के अनुसार सितंबर 2024 में उनके मोबाइल पर साइबर ठग का मैसेज आया। जिसमें लिखा था कि आपके पत्र पर सही पता नहीं लिखा है। भेजे गए लिंक पर सही जानकारी डालकर 25 रुपये सर्विस चार्ज के रूप में ट्रांसफर कीजिए। साइबर ठग के झांसे में आए मुनीश कौशिक ने भेजे गए लिंक पर अपना नाम, पता और बैंक की जानकारी भरकर दिए गए नंबर पर 25 रुपये ट्रांसफर कर दिए। जिसके बाद साइबर ठग ने उनके क्रेडिट कार्ड से एक लाख 82 हजार 974 रुपये का उन्हीं के बैंक से ऋण लेकर अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। पीड़ित के मोबाइल पर खाते से रुपये ट्रांसफर होने के मैसेज आने पर साइबर ठगी की जानकारी हुई। इसके साथ ही बैंक ने ऋण जमा करने के लिए मुनीश कौशिक को नोटिस भेज दिया। बताया कि पीड़ित की तहरीर पर सूचना एवं प्रौद्योगिकी अधिनियम कम्प्यूटर संशाधनों से धनराशि ट्रांसफर करने की धारा 66डी में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

ऐसे करते हैं साइबर ठगी: एडीसीपी पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि भेजे गए लिंक में मॉलवेयर वायरस उपभोक्ता के मोबाइल को हैक कर लेता है, जिसका रिमोट साइबर ठग के हाथों में आ जाता है और तमाम जानकारी के साथ-साथ मोबाइल पर आने वाले मैसेज भी साइबर ठग के पास पहुंचते हैं। जिनके ओटीपी से बैंकों से ऋण अथवा अन्य धोखाधड़ी कर साइबर ठगी को अंजाम देते हैं। ऐसे में अनजान लिंक को ओपन करने से बचें।

Tags:    

Similar News