CM रेखा गुप्ता को SIR नोटिस पर चुनाव आयोग की सफाई, सत्यापन के बाद वोटर एंट्री वैध
नई दिल्ली। दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को जारी नोटिस को लेकर दिल्ली चुनाव आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है। आयोग ने शनिवार को कहा कि मुख्यमंत्री को दिया गया नोटिस किसी विशेष कार्रवाई का हिस्सा नहीं, बल्कि मतदाता सूची के सत्यापन की मानक प्रक्रिया के तहत जारी किया गया था। आवश्यक तथ्यों और दस्तावेजों की जांच के बाद रेखा गुप्ता की मतदाता प्रविष्टि को सत्यापित कर लिया गया है।
चुनाव आयोग के मुताबिक मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता विधानसभा क्षेत्र संख्या 14 शालीमार बाग में पंजीकृत मतदाता हैं। SIR प्रक्रिया के दौरान उनके एन्यूमरेशन फॉर्म में दी गई जानकारी के आधार पर उनकी एंट्री को 'तार्किक विसंगतियों' की सूची में चिह्नित किया गया था। इसके बाद निर्वाचन आयोग की निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया के तहत उन्हें नोटिस जारी किया गया।
BLO ने किया फिजिकल वेरिफिकेशन
आयोग ने बताया कि नोटिस जारी होने के बाद निर्धारित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) ने फिजिकल फील्ड वेरिफिकेशन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री की ओर से उपलब्ध कराए गए तथ्यों और दस्तावेजों की जांच की गई। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी मतदाता प्रविष्टि को वैध कर दिया गया।
आयोग के मुताबिक सत्यापित एंट्री को शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र की अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए सुरक्षित कर लिया गया है। यह अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को आधिकारिक रूप से प्रकाशित की जानी है।
क्यों जारी हुआ था नोटिस?
मुख्यमंत्री को नोटिस जारी होने की खबर सामने आने के बाद इसको लेकर चर्चा शुरू हो गई थी। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि यह SIR के दौरान अपनाई जाने वाली सामान्य सत्यापन प्रक्रिया का हिस्सा था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यमंत्री की प्रविष्टि में उनके और उनके माता-पिता की दर्ज उम्र के अंतर से जुड़ी विसंगति सामने आई थी, जिसके बाद सत्यापन किया गया।
SIR के दौरान मतदाता द्वारा दिए गए विवरण में किसी तरह की तार्किक विसंगति सामने आने पर संबंधित मतदाता से स्पष्टीकरण या दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। इसके बाद निर्वाचन अधिकारियों द्वारा उपलब्ध रिकॉर्ड और दस्तावेजों का सत्यापन कर मतदाता की प्रविष्टि पर निर्णय लिया जाता है।
दस्तावेजों की जांच के बाद एंट्री वैध
रेखा गुप्ता के मामले में भी यही प्रक्रिया अपनाई गई। आयोग के अनुसार नोटिस के बाद फील्ड वेरिफिकेशन हुआ और उपलब्ध कराए गए तथ्यों तथा दस्तावेजों की जांच की गई। सत्यापन पूरा होने के बाद उनकी एंट्री को वैध मान लिया गया। इस तरह नोटिस जारी होने का मतलब मतदाता सूची से नाम हटाया जाना नहीं था, बल्कि चिह्नित विसंगति का सत्यापन करना था।
चुनाव आयोग ने यह भी कहा है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया को पारदर्शी, सहभागी और समावेशी तरीके से पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। आयोग के मुताबिक इसका उद्देश्य पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में बनाए रखना और अपात्र प्रविष्टियों को शामिल नहीं होने देना है।
दिल्ली में बड़े स्तर पर चल रही SIR प्रक्रिया
दिल्ली में इस समय बड़े स्तर पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण चल रहा है। यह प्रक्रिया केवल किसी एक व्यक्ति या राजनीतिक पदाधिकारी तक सीमित नहीं है। जिन मतदाताओं की जानकारी में विसंगति चिह्नित हुई है, उन्हें सत्यापन के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक दिल्ली में लाखों मतदाता इस सत्यापन प्रक्रिया के दायरे में आए हैं।
इस प्रक्रिया में मतदाताओं से आवश्यक दस्तावेज और जवाब लिए जा रहे हैं। संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी इन जवाबों और दस्तावेजों की जांच के बाद संबंधित प्रविष्टियों पर निर्णय लेते हैं।
4 नवंबर को आएगी अंतिम मतदाता सूची
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मामले में सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। चुनाव आयोग ने पुष्टि की है कि उनकी एंट्री को वैध कर दिया गया है और इसे शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र की अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए रखा गया है। अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को प्रकाशित होने वाली है।
इस स्पष्टीकरण के बाद मुख्यमंत्री को मिले SIR नोटिस की स्थिति भी साफ हो गई है। आयोग के अनुसार नोटिस मानक सत्यापन प्रक्रिया के तहत जारी किया गया था और दस्तावेजों तथा तथ्यों की जांच के बाद उनकी मतदाता प्रविष्टि सत्यापित हो चुकी है।