New Delhi, नई दिल्ली : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को भारतीय शिक्षा प्रणाली में हुई तकनीकी प्रगति की सराहना करते हुए 'टीचर्स ऐप 2.0' का जिक्र किया। केंद्रीय मंत्री ने आज सुबह भारती एयरटेल द्वारा वैश्विक परोपकारी समूह सीके-12 फाउंडेशन के सहयोग से बनाए गए ऐप का शुभारंभ किया। मीडिया से बात करते हुए मंत्री ने एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में लॉन्च किए गए दो बड़े भाषा मॉडल (एलएलएम), भारतजेन और सर्वम पर प्रकाश डाला और उम्मीद जताई कि इसी तरह की एआई क्षमताओं को जल्द ही ऐप में शामिल किया जाएगा।
इस उपलब्धि की सराहना करते हुए उन्होंने इस पहल को स्कूलों और कॉलेजों में शासन और परिचालन दक्षता में सुधार की दिशा में "एक कदम आगे" बताया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “भारत की शिक्षा प्रणाली विभिन्न आयामों में धीरे-धीरे एआई की ओर बढ़ रही है। आज भारती एयरटेल ने वैश्विक परोपकारी समूह सीके-12 फाउंडेशन के सहयोग से एक नया शिक्षक ऐप लॉन्च किया है... मेरी आशा और सुझाव है कि यह सब धीरे-धीरे भारतीय भाषा मॉडल में लागू किया जाएगा। इस बार एआई इम्पैक्ट समिट में प्रधानमंत्री ने भारत के दो प्रमुख भाषा मॉडल - भारतजेन और सर्वम - का शुभारंभ किया... विद्यालय और महाविद्यालय प्रशासन मॉडल में भी सुधार की आवश्यकता होगी। आज हमने उस दिशा में एक कदम आगे बढ़ाया है।”
पिछले सप्ताह की शुरुआत में, केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि देश के युवाओं को सशक्त बनाने के लिए शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता को एकीकृत करना एक राष्ट्रीय प्राथमिकता बन गया है।
राष्ट्रीय राजधानी में भारत मंडपन में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए प्रधान ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा क्षेत्र में एआई का उपयोग करना अब सरकार की प्राथमिकता बन गया है।
“भारत की नई पीढ़ी को एआई-सक्षम शिक्षा प्रदान करना हमारी जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री ने भारत की नई पीढ़ी को प्रोत्साहित करने के लिए एआई इम्पैक्ट समिट का आयोजन किया, जिसमें वे भाग ले रहे हैं। शिक्षा में एआई का उपयोग करके हम अपने छात्रों, स्कूलों और शिक्षकों को कैसे सशक्त बना सकते हैं, यह हमारी प्राथमिकता बन गई है,” उन्होंने कहा।
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