धामी का बड़ा बयान, 10,000 एकड़ जमीन मुक्त, 250 गैर-कानूनी मदरसे सील, मदरसा बोर्ड खत्म
Delhi दिल्ली। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राज्य में कथित “जिहाद” के विभिन्न रूपों पर कार्रवाई को लेकर बड़ा बयान दिया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी “घिनौनी और समाज को तोड़ने वाली सोच” के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार राज्य की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए व्यापक अभियान चला रही है।
धामी ने कहा कि सरकार द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के तहत उन संगठनों और व्यक्तियों पर निशाना साधा गया जो “सनातन धर्म को बदनाम करने और समाज में वैमनस्य फैलाने की कोशिश कर रहे थे”। उन्होंने कहा कि इस अभियान में कई संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाया गया और संबंधित लोगों पर कानूनी कार्रवाई की गई। मुख्यमंत्री ने बड़ा दावा करते हुए बताया कि राज्य में लैंड जिहाद पर निर्णायक प्रहार किया गया है। धामी ने कहा “हमने 10,000 एकड़ से ज़्यादा सरकारी जमीन को लैंड जिहादियों से मुक्त कराया है। यह जमीन वर्षों से अवैध रूप से कब्जा की गई थी। सरकार ने इसे वापस लेकर विकास कार्यों और जनहित के लिए उपलब्ध कराया है।”
उन्होंने मदरसों पर की गई कार्रवाई का भी विस्तार से जिक्र किया। धामी ने कहा कि उत्तराखंड में पिछले दो वर्षों में 250 से अधिक गैर-कानूनी मदरसों को सील किया गया है। इसके अलावा, 500 से अधिक अवैध स्ट्रक्चर हटाए गए हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह कार्रवाई कानून के अनुसार की गई और राज्य में शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी व नियंत्रित बनाने के उद्देश्य से उठाए गए कदमों का हिस्सा है। धामी ने आगे कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण कानूनी फैसला लेते हुए मदरसा बोर्ड को समाप्त कर दिया है। उन्होंने कहा “हमने नया कानून लागू किया है जिसके तहत मदरसा बोर्ड को खत्म कर दिया गया है। यह निर्णय 1 जुलाई, 2026 के बाद स्पष्ट रूप से दिखाई देगा, जब नई व्यवस्था लागू हो जाएगी।”
नई नीति के तहत, यदि राज्य के किसी भी मदरसे में उत्तराखंड स्टेट बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन द्वारा निर्धारित सिलेबस नहीं पढ़ाया जाता है, तो उसकी मान्यता स्वतः समाप्त हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने इसे “शिक्षा प्रणाली को मुख्यधारा में लाने और बच्चों को आधुनिक शिक्षा उपलब्ध करवाने की दिशा में बड़ा कदम” बताया। धामी ने यह भी कहा कि सरकार की यह कार्रवाई किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि केवल गैर-कानूनी ढांचों, अवैध कब्जों और कट्टरपंथी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए है। उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड को सुरक्षित, विकसित और सांस्कृतिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में यह अभियान भविष्य में और तेज होगा। मुख्यमंत्री के बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई हैं। विपक्षी दलों ने इसे ध्रुवीकरण की राजनीति बताया है, जबकि बीजेपी इसे सुरक्षा और नियम-कानून की मजबूती का कदम बता रही है।