New Delhi, नई दिल्ली : दिल्ली , मुंबई और गुवाहाटी सहित कई भारतीय शहरों में सोमवार सुबह घने कोहरे की चादर छाई रही। राष्ट्रीय राजधानी के कई हिस्सों में वायु गुणवत्ता 'खराब' से लेकर 'बेहद खराब' श्रेणी तक रही, वहीं आईजीआई हवाई अड्डे पर कई उड़ानें विलंबित रहीं । केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ( सीपीसीबी ) के अनुसार, सोमवार सुबह 8 बजे तक दिल्ली में एक्यूआई 260 दर्ज किया गया , जो 'खराब' श्रेणी में आता है।
अक्षरधाम से प्राप्त तस्वीरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक ( एक्यूआई ) 294 दिखाया गया है, जो केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीएम) के अनुसार 'खराब' श्रेणी में आता है। आईटीओ में एक्यूआई 256 दर्ज किया गया, जिसे भी 'खराब' श्रेणी में रखा गया है, जबकि आनंद वोहर में इसमें और भी अधिक गिरावट दर्ज की गई और यह 320 पर पहुंच गया, जिससे यह क्षेत्र 'अत्यंत खराब' श्रेणी में आ गया है।
चांदनी चौक सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में से एक रहा, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI ) 337 दर्ज किया गया, जो 'अत्यंत खराब' श्रेणी में आता है। कोहरे और धुंध के कारण कम दृश्यता ने दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन को बाधित कर दिया, जिसके चलते दिन के शुरुआती घंटों में कई उड़ानें विलंबित हुईं।
इस बीच, मुंबई में भी धुंध छाई रही। बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स और बांद्रा रिक्लेमेशन से प्राप्त तस्वीरों में शहर को धुंध की एक मोटी परत ने घेर लिया। इलाके में एक्यूआई 132 रहा, जिसे सीपीसीबी द्वारा 'मध्यम' श्रेणी में रखा गया है ।
पूर्वोत्तर में, असम की राजधानी गुवाहाटी में शीतलहर के प्रकोप के चलते सुबह ठंड और कोहरे का माहौल रहा। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 72 दर्ज किया गया, जो संतोषजनक श्रेणी में आता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने शहर के लिए न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान लगाया है।
गौरतलब है कि दिल्ली में , एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के तहत श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (जीआरएपी) पर उप-समिति ने अनुकूल मौसम संबंधी परिस्थितियों के कारण वायु गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार का हवाला देते हुए शुक्रवार शाम को तीसरे चरण के प्रतिबंधों को रद्द कर दिया।
हालांकि, अधिकारियों ने नागरिकों से वायु गुणवत्ता में और गिरावट को रोकने के लिए मौजूदा जीआरएपी अनुसूची के चरण एक और दो के तहत जारी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने का आग्रह किया है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि वैधानिक मानदंडों के उल्लंघन या गैर-अनुपालन के लिए विशेष रूप से बंद किए गए निर्माण और विध्वंस स्थलों को आयोग की स्पष्ट अनुमति के बिना संचालन फिर से शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उप-समिति ने कहा कि वह वायु गुणवत्ता की स्थिति पर लगातार नजर रखेगी और समय-समय पर स्थितियों की समीक्षा करेगी, तथा भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) द्वारा दिए गए पूर्वानुमानों के आधार पर आगे के निर्णय लेगी।