Delhi दिल्ली में खुले में कचरा जलाने के खिलाफ लड़ाई अब सिर्फ़ सख्ती करने से आगे बढ़ेगी। इसके लिए शुक्रवार को 'कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट' (CAQM) ने 'चिंतन एनवायर्नमेंटल रिसर्च एंड एक्शन ग्रुप' के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का मकसद नगर निकायों के सॉलिड वेस्ट (ठोस कचरे) को खुले में जलाने से रोकना और पूरे NCR में कचरा प्रबंधन सिस्टम को बेहतर बनाना है।
इस व्यवस्था के तहत, कचरा जलाने की समस्या को समझने के लिए तकनीकी अध्ययन और फील्ड रिसर्च की जाएगी। इस प्रक्रिया में ऐसी जगहों की पहचान भी की जाएगी जहाँ बार-बार कचरा फेंकने और जलाने की समस्या बनी रहती है। समझौते की जानकारी के अनुसार, कचरे के लिहाज से संवेदनशील इन जगहों का आकलन किया जाएगा ताकि हालात सुधारने के लिए ज़रूरी कदम तय किए जा सकें।
यह साझेदारी कचरा प्रबंधन कर्मियों और अन्य संबंधित लोगों की क्षमता बढ़ाने पर भी ज़ोर देती है। लोगों को खुले में कचरा न जलाने और उसे सही तरीके से निपटाने के लिए प्रोत्साहित करने के मकसद से ट्रेनिंग प्रोग्राम के साथ-साथ जानकारी, शिक्षा और जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। दोनों संगठन कचरा प्रबंधन में नए तरीकों और टिकाऊ समाधानों की पहचान करने पर भी काम करेंगे। ऐसे उपायों को पहले पायलट लेवल पर आज़माया जा सकता है और सफल उपायों को बाद में NCR के अन्य हिस्सों में बड़े पैमाने पर लागू करने पर विचार किया जा सकता है। इस तरह, यह समझौता ज़मीनी स्तर की रिसर्च, बार-बार कचरा जलाने वाली जगहों की पहचान, ट्रेनिंग और जन-जागरूकता को पायलट प्रोजेक्ट्स के साथ जोड़ता है, जिनका मकसद ऐसे समाधान विकसित करना है जिन्हें पूरे क्षेत्र में लागू किया जा सके।
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