free योजनाओं पर बहस तेज, सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल लिस्टिंग से किया मना

Update: 2026-07-17 15:20 GMT

New Delhi नई दिल्ली :  सुप्रीम कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सोमनाथ भारती की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करने का फैसला किया है। इस याचिका में दिल्ली की मालवीय नगर विधानसभा सीट से भाजपा नेता सतीश उपाध्याय के निर्वाचन को चुनौती दी गई है। जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि मामले पर विस्तार से सुनवाई की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सोमनाथ भारती की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलील दी कि दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी चुनाव याचिका को गलत आधार पर खारिज किया था। वकील ने कहा कि हाई कोर्ट ने केवल इस वजह से याचिका खारिज कर दी थी कि याचिकाकर्ता ने कांग्रेस उम्मीदवार जीतेंद्र कोचर को मामले में पक्षकार नहीं बनाया था।

याचिका में सोमनाथ भारती ने आरोप लगाया है कि भाजपा नेता सतीश उपाध्याय ने विधानसभा चुनाव के दौरान चुनावी नियमों का उल्लंघन किया। भारती की ओर से दाखिल याचिका में दावा किया गया है कि सतीश उपाध्याय ने नामांकन दाखिल करते समय अपने आपराधिक रिकॉर्ड की पूरी जानकारी चुनाव आयोग को नहीं दी थी।

याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि सतीश उपाध्याय ने चुनाव खर्च से संबंधित जरूरी विवरण उपलब्ध नहीं कराया और जनप्रतिनिधित्व कानून के प्रावधानों का उल्लंघन किया। इसके अलावा भारती ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान कथित तौर पर भ्रष्ट आचरण किया गया।

सोमनाथ भारती की याचिका में यह भी दावा किया गया है कि सतीश उपाध्याय ने अपने खिलाफ दर्ज एक एफआईआर की जानकारी छिपाई थी। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान सतीश उपाध्याय और कांग्रेस उम्मीदवार जीतेंद्र कुमार कोचर के बीच कथित मिलीभगत थी। हालांकि इन आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत की सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।

गौरतलब है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव फरवरी 2025 में आयोजित हुए थे। मालवीय नगर विधानसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार सतीश उपाध्याय ने जीत हासिल की थी। उन्होंने कुल 39,564 वोट प्राप्त कर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार सोमनाथ भारती को हराया था। सोमनाथ भारती को इस चुनाव में 37,433 वोट मिले थे।

चुनाव परिणाम के बाद सोमनाथ भारती ने सतीश उपाध्याय की जीत को चुनौती देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल की थी। याचिका में उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया था। हालांकि हाई कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था।

इसके बाद सोमनाथ भारती ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। अब शीर्ष अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए सहमति दे दी है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद मालवीय नगर सीट के चुनाव परिणाम को लेकर कानूनी लड़ाई आगे बढ़ गई है।

राजनीतिक रूप से भी इस मामले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच हुए मुकाबले से जुड़ा विवाद शामिल है। अब सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई के दौरान यह तय होगा कि सोमनाथ भारती की ओर से लगाए गए आरोपों में कितनी कानूनी मजबूती है और क्या चुनाव परिणाम को लेकर आगे कोई बदलाव संभव है।

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