Delhi दिल्ली। इनक्लूसिव दिव्यांगजन एंटरप्रेन्योर एसोसिएशन (IDEA) के संस्थापक और निदेशक अयथा मल्लिकार्जुन ने दिव्यांगजन अधिकारों और सामाजिक समावेशन पर महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा है कि पर्पल रंग अब दिव्यांग समुदाय की पहचान, सम्मान और समानता का नया वैश्विक प्रतीक बन चुका है। उन्होंने बताया कि जिस तरह रेड रिबन HIV जागरूकता का प्रतीक माना जाता है, उसी तरह पर्पल कलर दुनिया भर में दिव्यांग अधिकारों और भागीदारी का संकेत बन रहा है।  

मल्लिकार्जुन के अनुसार, पर्पल रंग दिव्यांगजन के संघर्ष, स्वतंत्रता और समान अवसरों की ओर बढ़ते कदमों का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि कई अंतरराष्ट्रीय संगठन इसे विकलांगता जागरूकता के आधिकारिक रंग के रूप में अपना चुके हैं और भारत में भी सोशल मीडिया कैंपेन, कार्यक्रमों और जागरूकता पहलों में इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। अयथा मल्लिकार्जुन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए महत्वाकांक्षी ‘एक्सेसिबल इंडिया कैंपेन’ की सराहना करते हुए कहा कि इस अभियान ने देश में दिव्यांगजन के लिए सुलभता और समान अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव लाए हैं।
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