दिल्ली में शीतलहर का कहर जारी, ठंड से बचने रैन बसेरों में शरण ले रहे लोग

Update: 2026-01-09 18:55 GMT
Delhi दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप लगातार जारी है। तापमान में लगातार गिरावट के चलते आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। राजधानी के कई इलाकों में लोग ठंड से बचने के लिए रैन बसेरों का सहारा ले रहे हैं। लोधी रोड स्थित रैन बसेरे से सामने आए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बड़ी संख्या में लोग ठंड से राहत पाने के लिए वहां शरण लिए हुए हैं।दिल्ली में बीते कुछ दिनों से शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। सुबह और रात के समय
ठंडी हवाओं
के कारण सर्दी का असर और अधिक बढ़ गया है। न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है, जिससे खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बेघर लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लोधी रोड के रैन बसेरे में रहने वाले लोगों का कहना है कि खुले में रहना इस समय बेहद मुश्किल हो गया है। कई लोग जो फुटपाथों, पार्कों और बस स्टैंडों पर रात गुजारते थे, वे अब रैन बसेरों की ओर रुख कर रहे हैं। रैन बसेरों में कंबल, गद्दे और गर्म कपड़ों की व्यवस्था की गई है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिल रही है।
दिल्ली नगर निगम और सामाजिक संगठनों द्वारा राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में रैन बसेरों की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों के अनुसार, ठंड बढ़ने के साथ ही रैन बसेरों की संख्या और सुविधाओं में इजाफा किया गया है। जरूरतमंदों को गर्म कपड़े, कंबल और चाय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में ठंड से अभी राहत मिलने के आसार नहीं हैं। उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और ठंडी हवाओं के कारण शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है। सुबह के समय घना कोहरा भी देखने को मिल रहा है, जिससे यातायात पर असर पड़ रहा है और दृश्यता कम हो गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को ठंड से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि अत्यधिक ठंड में बाहर निकलने से बचें, गर्म कपड़े पहनें और जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें। खासकर बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। दिल्ली सरकार ने भी ठंड को देखते हुए अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। रैन बसेरों की नियमित निगरानी की जा रही है ताकि कोई भी व्यक्ति ठंड में खुले आसमान के नीचे न सोए। इसके अलावा, सड़क पर रहने वाले लोगों को रैन बसेरों तक पहुंचाने के लिए विशेष टीमों को तैनात किया गया है।
स्थानीय लोगों और स्वयंसेवी संगठनों ने भी आगे बढ़कर जरूरतमंदों की मदद शुरू कर दी है। कई जगहों पर कंबल वितरण अभियान चलाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि ठंड के इस दौर में समाज के हर वर्ग को जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। कुल मिलाकर, दिल्ली में शीतलहर ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है। जब तक मौसम में सुधार नहीं होता, तब तक रैन बसेरे ठंड से जूझ रहे लोगों के लिए बड़ी राहत बने हुए हैं।
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