Delhi दिल्ली: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सुंदर नगरी इलाके में शनिवार दोपहर एक सीएनजी सिलेंडर में धमाका हो गया, जिससे इलाका दहल उठा। यह हादसा एक गोदाम में मरम्मत के दौरान हुआ, जहां कथित रूप से सिलेंडर फट गया। इस विस्फोट में तीन नाबालिग भाइयों सहित चार लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
हादसे में झुलसे चारों लोगों की पहचान
आपको बता दें कि दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) ने बताया कि इस हादसे में साकिब (7 वर्ष), अब्बास (9 वर्ष), राजा (3 वर्ष) और अरशद (22 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। ये तीनों बच्चे अफसार नामक व्यक्ति के बेटे हैं, जबकि अरशद घटना के समय गोदाम में काम कर रहा था।
जलने की गंभीर स्थिति में हैं सभी घायल
पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी कि साकिब 90 प्रतिशत, अब्बास और राजा 85 प्रतिशत, जबकि अरशद 70 प्रतिशत तक झुलस गया है। सभी घायलों को गुरु तेग बहादुर अस्पताल (GTB) में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक चारों की हालत गंभीर लेकिन स्थिर है।
चार मंजिला इमारत के गोदाम में रखा था सिलेंडर
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह हादसा एक चार मंजिला इमारत के भूतल पर स्थित एक दुकान में हुआ, जहां सीएनजी सिलेंडरों की मरम्मत और भंडारण किया जा रहा था। मरम्मत के दौरान एक सिलेंडर में धमाका हो गया, जिससे आसपास की दीवारें और गेट भी टूट गए।
धमाके से मलबा गिरा बच्चों पर
यह धमाका इतना तेज था कि गोदाम का लोहे का गेट उखड़ गया और उसका मलबा पास ही खेल रहे बच्चों पर जा गिरा। इस हादसे के बाद तुरंत दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग को काबू में लिया गया। इसके साथ ही स्थानीय पुलिस ने इलाके को खाली करवाया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
गोदाम मालिक पर कानूनी कार्रवाई शुरू
पुलिस ने जानकारी दी है कि जिस गोदाम में यह हादसा हुआ, उसके मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस तरह की जगहों पर बिना सुरक्षा उपायों के सिलेंडर की मरम्मत और स्टोरेज कानून के खिलाफ है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गोदाम चलाने के लिए अनुमति ली गई थी या नहीं।
लापरवाही ने बढ़ाया हादसे का खतरा
इस घटना ने फिर एक बार यह दिखा दिया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी कितनी भारी पड़ सकती है। एक रिहायशी इलाके में बिना सावधानी के सिलेंडर रखना और उनकी मरम्मत करना न केवल अवैध है, बल्कि यह लोगों की जान के लिए भी खतरा है। प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।