PM मोदी ने बजाई खंजरी, ‘हनुमान अंश’ के ‘पार्वती’ भजन पर झूमे; साधु तिवारी की प्रस्तुति ने बांधा समां
नई दिल्ली। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के अवसर पर शुक्रवार को दिल्ली में आयोजित भजन कार्यक्रम में भक्ति संगीत का खास रंग देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान फिल्म ‘हनुमान अंश’ के चर्चित भक्ति गीत ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ की प्रस्तुति दी गई। गायक साधु एस. तिवारी ने मंच पर यह भजन पेश किया, जबकि प्रधानमंत्री मोदी सामने बैठकर प्रस्तुति सुनते और खंजरी बजाते नजर आए। कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद यह आयोजन चर्चा में है।
यह कार्यक्रम 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के मौके पर दिल्ली के दीन दयाल पार्क में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में भजन और आधुनिक संगीत प्रस्तुति का संयोजन देखने को मिला। प्रधानमंत्री मोदी ने भी कलाकारों की प्रस्तुतियां सुनीं। साधु तिवारी की प्रस्तुति के दौरान प्रधानमंत्री खंजरी पर ताल देते दिखाई दिए। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर साझा कीं।
‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ की प्रस्तुति
साधु एस. तिवारी ने फिल्म ‘हनुमान अंश’ का लोकप्रिय भक्ति गीत ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ प्रस्तुत किया। यह गीत भगवान शिव और माता पार्वती की कथा को सरल शब्दों और देसी संगीत शैली में पेश करता है। गीत में पारंपरिक धार्मिक कथा को सहज और लोक अंदाज में प्रस्तुत करने की कोशिश की गई है। यही वजह है कि यह गीत फिल्म के चर्चित गानों में शामिल हुआ है।
भजन की प्रस्तुति के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ध्यान से इसे सुनते नजर आए। सामने आई तस्वीरों और वीडियो में वह हाथ में खंजरी लेकर गीत की धुन के साथ ताल देते दिखाई दिए। कार्यक्रम का यह हिस्सा सोशल मीडिया पर भी लोगों का ध्यान खींच रहा है।
साधु तिवारी ने खुद लिखा और संगीत दिया
‘पार्वती’ भजन की खास बात यह है कि इसके गायक साधु एस. तिवारी ही इसके गीतकार भी हैं। उन्होंने गीत के बोल लिखने के साथ इसके संगीत में भी योगदान दिया है। फिल्म के इस गाने में भगवान शिव और माता पार्वती से जुड़ी कथा को आम बोलचाल की भाषा और देसी अंदाज में प्रस्तुत किया गया है।
साधु तिवारी ने एक बातचीत में बताया है कि उन्हें इस गाने को इतनी लोकप्रियता मिलने की उम्मीद नहीं थी। हालांकि रिलीज के बाद इसे दर्शकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली और यह सोशल मीडिया तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर चर्चा में आने लगा। गीत की भाषा, संगीत और प्रस्तुति का लोक रंग इसे फिल्म के दूसरे गानों से अलग पहचान देता है।
‘हनुमान अंश’ की टीम भी कार्यक्रम में पहुंची
कार्यक्रम में फिल्म ‘हनुमान अंश’ की टीम की ओर से भी प्रस्तुति दी गई। फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने मंच पर हनुमान चालीसा का पाठ किया। उनके पाठ के दौरान भी कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भक्ति संगीत का आनंद लिया। इस तरह कार्यक्रम में फिल्म की टीम की मौजूदगी ने आयोजन को फिल्म के संगीत और आध्यात्मिक विषय से भी जोड़ दिया।
‘हनुमान अंश’ फिल्म नीम करौली बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित बताई गई है। फिल्म की कहानी उनके जीवन में आए बदलावों और आध्यात्मिक मार्ग से जुड़ी घटनाओं को केंद्र में रखती है। फिल्म का निर्देशन विशाल चतुर्वेदी ने किया है।
सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरें
भजन कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री मोदी की खंजरी बजाते हुए तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए। प्रधानमंत्री के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से भी कार्यक्रम की तस्वीर साझा की गई। इसके बाद ‘पार्वती’ भजन और साधु तिवारी की प्रस्तुति को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा बढ़ गई।
कार्यक्रम में भक्ति संगीत की प्रस्तुति के साथ प्रधानमंत्री की मौजूदगी और खंजरी बजाने की तस्वीरें आयोजन का प्रमुख आकर्षण बनीं। वहीं साधु तिवारी के लिए भी यह प्रस्तुति खास रही, क्योंकि उनके द्वारा गाया और तैयार किया गया गीत प्रधानमंत्री के सामने प्रस्तुत हुआ।
देसी अंदाज में शिव-पार्वती की कहानी
‘पार्वती’ भजन की एक प्रमुख विशेषता इसका देसी संगीत अंदाज है। गीत में शिव और पार्वती की कथा को कठिन धार्मिक भाषा के बजाय सरल और सहज शब्दों में प्रस्तुत किया गया है। गीतकार और गायक साधु तिवारी ने इसे लोक रंग देने की कोशिश की है। रिपोर्टों के मुताबिक इसी सरलता के कारण गीत को दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम में संगीत, भक्ति और फिल्मी प्रस्तुति का मेल देखने को मिला। साधु तिवारी के ‘पार्वती’ भजन की प्रस्तुति के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का खंजरी बजाना कार्यक्रम की प्रमुख झलक रही। इसके बाद फिल्म की टीम की अन्य प्रस्तुति ने भी कार्यक्रम में मौजूद दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।