टर्बुलेंस के बीच एयर इंडिया की फ्लाइट में हड़कंप, कई घायल

Update: 2026-08-04 10:33 GMT
 दिल्ली : फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान मंगलवार को उस समय गंभीर टर्बुलेंस का शिकार हो गई, जब उड़ान के दौरान विमान अचानक लगभग 300 फीट नीचे आ गया। इस अप्रत्याशित घटना में 10 यात्रियों और 4 क्रू मेंबर समेत कुल 14 लोग घायल हो गए। घायलों में केबिन क्रू का एक सदस्य गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है, जबकि अन्य यात्रियों और क्रू सदस्यों को मामूली चोटें आई हैं। राहत की बात यह रही कि विमान को सुरक्षित तरीके से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतार लिया गया और सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकल आए।
जानकारी के अनुसार एयर इंडिया की फ्लाइट **AI-2379** मंगलवार सुबह थाईलैंड के फुकेट अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। उड़ान सामान्य रूप से चल रही थी, लेकिन यात्रा के दौरान अचानक विमान तेज टर्बुलेंस की चपेट में आ गया। इसी दौरान विमान की ऊंचाई में अचानक करीब 300 फीट की गिरावट दर्ज की गई। अचानक हुए इस झटके से विमान के भीतर बैठे कई यात्री अपनी सीटों पर उछल गए और कुछ केबिन क्रू सदस्य भी संतुलन खो बैठे। इस घटना में कई लोगों को चोटें आईं।
एयर इंडिया ने घटना की पुष्टि करते हुए आधिकारिक बयान जारी किया। एयरलाइन ने बताया कि फुकेट से दिल्ली आ रही उड़ान के दौरान टर्बुलेंस जैसी स्थिति उत्पन्न हुई, जिसके कारण विमान की ऊंचाई में कुछ समय के लिए अप्रत्याशित बदलाव आया। इस वजह से कुछ यात्रियों और केबिन क्रू को चोटें आईं। हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया कि विमान पूरी तरह सुरक्षित स्थिति में दिल्ली पहुंचा और निर्धारित प्रक्रिया के तहत इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सफलतापूर्वक लैंड कराया गया। एयरलाइन ने कहा कि सभी यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और घायल लोगों को तुरंत चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई गई।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के एक अधिकारी के अनुसार, पायलट ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया है कि उड़ान के दौरान अचानक विमान लगभग 300 फीट नीचे चला गया था। इस अचानक आई गिरावट के कारण केबिन में मौजूद लोगों को जोरदार झटका लगा। अधिकारी के अनुसार, केबिन क्रू के एक सदस्य को गंभीर चोट आई है, जबकि दूसरे क्रू सदस्य और कुछ यात्रियों को भी चोटें लगी हैं। डीजीसीए पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि टर्बुलेंस कितना गंभीर था और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही दिल्ली एयरपोर्ट प्रशासन को पहले ही अलर्ट कर दिया गया था। विमान के दिल्ली पहुंचने से पहले एयरपोर्ट पर मेडिकल टीमें, एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं को तैयार रखा गया। विमान के सुरक्षित उतरते ही घायल यात्रियों और क्रू सदस्यों को प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई गई। जिन लोगों को अधिक उपचार की आवश्यकता थी, उन्हें तुरंत अस्पताल भेज दिया गया।
अधिकारियों के अनुसार, कई घायलों को गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल तथा दिल्ली के वसंत कुंज स्थित इंडिया स्पाइनल इंजरी सेंटर में भर्ती कराया गया है। वहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार अधिकांश घायलों की हालत स्थिर है, जबकि गंभीर रूप से घायल केबिन क्रू सदस्य की विशेष निगरानी की जा रही है।
उड़ान संबंधी आंकड़ों के अनुसार यह विमान मंगलवार सुबह लगभग 8:25 बजे फुकेट से रवाना हुआ था और करीब ढाई घंटे की उड़ान के बाद सुबह लगभग 11 बजे दिल्ली पहुंचा। टर्बुलेंस के बावजूद पायलट ने धैर्य और सूझबूझ का परिचय देते हुए विमान को पूरी तरह नियंत्रण में रखा और सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित की। विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बाद यात्रियों ने भी राहत की सांस ली।
विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि टर्बुलेंस हवाई यात्रा का एक सामान्य लेकिन कभी-कभी गंभीर रूप ले सकने वाला हिस्सा है। मौसम में अचानक बदलाव, तेज हवाएं या वायुमंडलीय दबाव में परिवर्तन के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसलिए यात्रियों को उड़ान के दौरान सीट बेल्ट बांधकर रखने की सलाह दी जाती है, भले ही सीट बेल्ट संकेतक कुछ समय के लिए बंद क्यों न हो।
एयर इंडिया ने अपने बयान में दोहराया कि विमान पूरी तरह सुरक्षित रहा और सभी यात्रियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई। एयरलाइन ने कहा कि जिन लोगों को चिकित्सीय जांच या उपचार की आवश्यकता थी, उन्हें तुरंत मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। साथ ही कंपनी ने आश्वासन दिया कि घटना की विस्तृत समीक्षा की जाएगी और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल डीजीसीए ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जांच रिपोर्ट आने के बाद घटना के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।
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