Delhi दिल्ली : आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Chandrashekhar Azad ने केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के नक्सलवाद पर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी ऐसी विचारधारा का समर्थन नहीं किया जा सकता जो देश को बांटने का काम करे।
चंद्रशेखर आजाद ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी महात्मा ज्योतिराव फुले, साहूजी महाराज और डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों में विश्वास करती है और संविधान को सर्वोपरि मानती है। उन्होंने कहा कि उनकी सोच में कलम की ताकत बंदूक से बड़ी है और लोकतांत्रिक मूल्यों के जरिए ही समाज में बदलाव लाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में अर्धसैनिक बलों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है और इस दौरान कई जवानों ने अपनी जान गंवाई है। ऐसे में सरकार को उनकी शहादत का सम्मान करते हुए उन्हें ‘शहीद’ का दर्जा देना चाहिए और पुरानी पेंशन योजना को बहाल करना चाहिए।
आजाद ने यह भी कहा कि देश को नक्सलवाद से मुक्त करना जरूरी है, लेकिन इस अभियान के नाम पर किसी भी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की कि सुरक्षा अभियान के दौरान मानवाधिकारों का पूरा ध्यान रखा जाए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में शांति और विकास का मार्ग संविधान और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों से ही निकलता है। इसलिए नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास, शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
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