नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन को लेकर अब एक संगठित डिजिटल नेटवर्क की भूमिका सामने आ रही है। प्रदर्शनकारियों को एक जगह जुटाने, उनके आने-जाने की व्यवस्था करने और कार्यक्रमों के समन्वय के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन परिवहन सेवाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इसके लिए एक डिजिटल वार रूम लगातार सक्रिय है, जो प्रदर्शन से जुड़ी गतिविधियों को मैनेज कर रहा है।
प्रदर्शन से जुड़े टेलीग्राम, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, सिग्नल और डिस्कॉर्ड जैसे सोशल मीडिया ग्रुपों के माध्यम से लोगों को लगातार जानकारी भेजी जा रही है। इनमें प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने का समय, स्थान और जरूरी दिशा-निर्देश साझा किए जा रहे हैं। कई ग्रुपों में हजारों लोगों को जोड़ा गया है, जहां से एक संदेश के जरिए अलग-अलग इलाकों से लोगों को जंतर-मंतर पहुंचने के लिए तैयार किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, टेलीग्राम पर बनाए गए कई बड़े ग्रुपों में हजारों सदस्य जुड़े हैं। इन ग्रुपों के जरिए लोगों के आने-जाने के लिए ऑनलाइन कैब, ऑटो और रैपिडो जैसी सेवाओं की बुकिंग भी कराई जा रही है। कई मामलों में यात्रा का भुगतान पहले ही ऑनलाइन कर दिया जाता है, जिससे प्रदर्शनकारियों को मौके पर पहुंचने में आसानी हो रही है।
प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे कई लोगों ने बताया कि उन्हें घर या तय स्थान से जंतर-मंतर तक पहुंचाने के लिए पहले से व्यवस्था उपलब्ध कराई गई थी। सोशल मीडिया ग्रुपों में सक्रिय लोग यह तय कर रहे हैं कि किस क्षेत्र से कितने लोग और किस समय निकलेंगे। इसके अलावा वापस लौटने की व्यवस्था भी इसी नेटवर्क के माध्यम से की जा रही है।
बताया जा रहा है कि प्रदर्शन में भीड़ को एक साथ जुटाने की बजाय अलग-अलग समय पर समूहों में भेजा जा रहा है। इससे जंतर-मंतर पर लगातार लोगों की मौजूदगी बनी हुई है। एक समूह के वापस लौटने के बाद दूसरा समूह प्रदर्शन स्थल पर पहुंच जाता है। इस रणनीति के कारण दिन और रात दोनों समय प्रदर्शन स्थल पर गतिविधियां जारी रहती हैं।
दिल्ली पुलिस ने भीड़ नियंत्रण के लिए जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में कई बार व्यवस्थाएं बदलीं। कुछ मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास पर भी समय-समय पर प्रतिबंध लगाए गए, लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शन स्थल पर लोगों की आवाजाही बनी रही।
डिजिटल वार रूम केवल परिवहन व्यवस्था तक सीमित नहीं बताया जा रहा है। इसके जरिए प्रदर्शन की अन्य व्यवस्थाओं जैसे भोजन, पानी, स्वयंसेवकों के समन्वय और प्रचार-प्रसार का काम भी संभाला जा रहा है। इसमें तकनीकी जानकारी रखने वाले युवाओं और अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों के शामिल होने की बात सामने आई है।
प्रदर्शन से जुड़े लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया ने आंदोलन को संगठित करने में बड़ी भूमिका निभाई है। पहले जहां लोगों को एक जगह जुटाने में काफी समय लगता था, वहीं अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से कुछ ही समय में बड़ी संख्या में लोगों तक जानकारी पहुंचाई जा रही है।
वहीं, ऑनलाइन कैब और ऑटो चालकों के अनुसार, प्रदर्शन शुरू होने के बाद से जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों के लिए बुकिंग में बढ़ोतरी देखी गई है। कई यात्रियों का किराया पहले ही डिजिटल माध्यम से जमा रहता है और चालकों को केवल निर्धारित स्थान से यात्रियों को लेकर पहुंचाने का निर्देश मिलता है।
फिलहाल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन लगातार जारी है और डिजिटल माध्यमों के जरिए लोगों को जोड़ने की प्रक्रिया भी जारी है। सोशल मीडिया और तकनीक के इस्तेमाल ने इस प्रदर्शन को एक नए तरीके से संगठित करने में अहम भूमिका निभाई है।