Delhi दिल्ली। भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने कोलकाता स्थित IPAC ऑफिस पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विरोध पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। गौरव वल्लभ ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी, जिन्होंने संविधान की शपथ ली है, अब संविधान के कामकाज में बाधा डाल रही हैं। गौरव वल्लभ ने कहा, “जो व्यक्ति संविधान की शपथ लेती हैं, वही अब संविधान के कार्यों में बाधा उत्पन्न कर रही हैं। ममता बनर्जी को फाइल चोरी करते देखा गया है। इस फाइल में ऐसा क्या है, जिसे छिपाया गया, बंगाल के लोग जानना चाहते हैं। पूरे बंगाल और देश के लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिरकार ऐसी स्थिति क्यों बनी?”
भाजपा नेता ने ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि उनका यह व्यवहार केवल सत्ता बचाने की कोशिश है। गौरव वल्लभ ने कहा कि जब ED जैसे संवैधानिक संस्थान अपनी जांच कर रहे हैं, तो मुख्यमंत्री को सहयोग करना चाहिए न कि बाधा डालना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि राजनीतिक संरक्षण और हस्तक्षेप से कानून का पालन कमजोर पड़ता है। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में सभी नागरिक, चाहे वह नेता हों या आम जनता, कानून के प्रति उत्तरदायी हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का यह कदम सवाल उठाता है कि क्या राज्य की सर्वोच्च नेतृत्वकर्ता संवैधानिक दायित्वों का पालन कर रही हैं या केवल अपने राजनीतिक हितों की चिंता कर रही हैं।”
भाजपा नेता ने आगे कहा कि बंगाल के लोग यह जानने के हकदार हैं कि फाइल चोरी की नौबत क्यों आई और इसमें क्या जानकारी छिपाई गई। गौरव वल्लभ ने यह भी कहा कि ED की कार्रवाई पूरी तरह कानूनी है और इसे राजनीतिक रंग देना अनुचित है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि राज्य की सत्ता अपनी जिम्मेदारियों का पालन नहीं करेगी, तो संविधान और कानून के नियमों का पालन सुनिश्चित करना और भी जरूरी हो जाएगा। गौरव वल्लभ ने कहा, “यह सिर्फ एक पार्टी का मामला नहीं है, बल्कि पूरे देश की संवैधानिक प्रणाली का मामला है। किसी भी नेता को कानून से ऊपर नहीं समझा जा सकता।”
भाजपा नेता का यह बयान पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल को और गर्मा सकता है। वहीं, ममता बनर्जी और उनके समर्थक इस आरोप को राजनीतिक प्रपंच बता रहे हैं। दोनों दलों के बीच बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप जारी है। विश्लेषकों के अनुसार, ED की कार्रवाई और मुख्यमंत्री के विवादित रवैये को लेकर राजनीतिक हलकों में बहस तेज होने की संभावना है। गौरव वल्लभ का यह बयान भाजपा की तरफ से ममता बनर्जी पर सीधे हमला माना जा रहा है, जो आगामी चुनाव और राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है।
इस तरह, कोलकाता में IPAC ऑफिस पर ED की रेड और ममता बनर्जी के विरोध को लेकर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव जारी है। गौरव वल्लभ के बयान ने इसे और केंद्रित मुद्दा बना दिया है, जो पूरे देश के मीडिया और जनता की निगाहों में है।