NEW DELHI नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) का बचाव करने और विपक्ष पर "घुसपैठियों को मतदाता के रूप में पंजीकृत कराने" का आरोप लगाने के बाद, बुधवार को कांग्रेस ने उनसे तीन सवाल पूछे। बता दें कि शाह ने यह आरोप तब लगाया जब विपक्ष ने कहा कि भारत की जनता ने उन्हें बार-बार नकारा है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने 'X' पर लिखा, "केंद्रीय गृह मंत्री, जो लगातार SIR का बचाव कर रहे हैं, उनसे तीन बहुत ही सरल और सीधे सवाल हैं: कितने घुसपैठियों की पहचान की गई है? मतदाता सूची से कितने घुसपैठियों के नाम हटाए गए हैं? और कितने घुसपैठियों को देश से बाहर निकाला गया है?"
केंद्रीय गृह मंत्री ने मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा था। यह प्रतिक्रिया तब आई जब विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञान कुमार और मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) का विरोध किया। शाह ने पत्रकारों से कहा, "मैं श्री राहुल जी और उनके साथियों से कहना चाहता हूं कि वे 2029 में एक और करारी हार के लिए तैयार हो जाएं। 2029 के आम चुनावों में NDA भारी बहुमत से जीतेगा और कांग्रेस को लगातार चौथी बार हार का सामना करना पड़ेगा।"
उन्होंने कहा, "इस देश की जनता नरेंद्र मोदी जी के साथ है, BJP के साथ है और NDA के साथ है। आप इस सच्चाई से इनकार नहीं कर सकते।" शाह ने कहा कि भारत की जनता राहुल गांधी की उस योजना के बारे में जानती है, जिसके तहत वे "घुसपैठियों को मतदाता के रूप में पंजीकृत" कराना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "मैं सीधे श्री राहुल गांधी जी से पूछना चाहता हूं: क्या यह SIR का नतीजा है? SIR तो 2024 के बाद ही शुरू हुआ है।" उन्होंने आगे कहा, "जब से आप कांग्रेस के मुख्य नेता बने, फिर अध्यक्ष बने और अब विपक्ष के नेता हैं, तब से कांग्रेस पार्टी लगातार चुनाव हार रही है। आपको आत्मनिरीक्षण करने की जरूरत है। आप बनावटी मीडिया इवेंट्स और झूठ के शोर से देश की जनता का भरोसा नहीं जीत सकते।"
इसके जवाब में, कांग्रेस ने गृह मंत्री से इस मामले का पूरा विवरण देने को कहा।
रमेश ने लिखा, "100 करोड़ भारतीयों को SIR प्रक्रिया से गुजरना पड़ा है। उन्हें यह जानने का पूरा अधिकार है कि इसके क्या परिणाम निकले हैं।" “हकीकत यह है कि ‘शाह इंस्टिगेटेड रिमूवल’ (SIR) के सूत्रधार, घुसपैठियों का मुद्दा उठाकर बार-बार असली मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। जबकि सच तो यह है कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की हताश जोड़ी ने लगभग 14 करोड़ भारतीयों से उनका वोट देने का संवैधानिक अधिकार छीन लिया है।”
रमेश ने आगे कहा, “क्या गृह मंत्री यह कहना चाहते हैं कि ये 14 करोड़ भारतीय घुसपैठिए हैं? क्या उनके गृह मंत्री रहते हुए देश में घुसपैठियों की संख्या में इतनी भारी बढ़ोतरी हुई है?” कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी इसी तरह का हमला बोला। खड़गे ने लिखा, “गृह मंत्री द्वारा ‘SIR’ के दायरे से बाहर 13.3 करोड़ भारतीयों को ‘घुसपैठिया’ करार देना भारतीयता का अपमान है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन की तय जगह से हटाना... पहले वोट की चोरी, फिर ‘विरोध करने के अधिकार की चोरी’—यह बीजेपी की तानाशाही का सबूत है।” उन्होंने आगे कहा, “ज्ञानेश कुमार को बचाना बंद करें!” उन्होंने कहा कि जो लोग सरकार से सवाल पूछ रहे हैं, उन्हें जेल में डाला जा रहा है; युवा प्रदर्शनकारियों को पीटा और हिरासत में लिया जा रहा है; महिलाओं पर पुलिस द्वारा बर्बरता की जा रही है, जबकि “RSS के गुंडे” बेखौफ घूम रहे हैं।