नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और किफायती बनाने की दिशा में दिल्ली नगर निगम (MCD) ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। नगर निगम की स्थायी समिति ने अपने तीन प्रमुख अस्पतालों में आधुनिक सीटी स्कैन और एमआरआई जांच सुविधाएं शुरू करने की परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस पहल के तहत मरीजों को केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) की निर्धारित दरों से 20 प्रतिशत कम कीमत पर जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को इस परियोजना की जानकारी देते हुए कहा कि निगम का उद्देश्य आम नागरिकों, विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों तक आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना है।
इन तीन अस्पतालों में मिलेगी आधुनिक जांच सुविधा
दिल्ली नगर निगम की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, नई डायग्नोस्टिक सुविधाएं तीन प्रमुख अस्पतालों में स्थापित की जाएंगी।इनमें हिंदू राव अस्पताल, स्वामी दयानंद अस्पताल और राजन बाबू इंस्टीट्यूट ऑफ पल्मोनरी मेडिसिन एंड ट्यूबरकुलोसिस शामिल हैं।इन अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों को सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी महत्वपूर्ण जांच के लिए आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।निगम का मानना है कि इससे मरीजों को आवश्यक चिकित्सा जांच कराने में सुविधा होगी और कम कीमत पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
CGHS दरों से 20 प्रतिशत कम लगेगा शुल्क
इस परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता जांच शुल्क में दी जाने वाली राहत है। मरीजों को सीटी स्कैन और एमआरआई सेवाएं CGHS की निर्धारित दरों से 20 प्रतिशत कम कीमत पर उपलब्ध कराई जाएंगी।उदाहरण के लिए, यदि किसी जांच की निर्धारित CGHS दर 5,000 रुपये है, तो प्रस्तावित व्यवस्था में मरीज को उसी जांच के लिए 4,000 रुपये देने होंगे।हालांकि, वास्तविक शुल्क जांच के प्रकार और लागू CGHS दरों के अनुसार अलग-अलग होगा।इस फैसले से उन मरीजों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है, जिन्हें आर्थिक कठिनाइयों के कारण महंगी जांच कराने में परेशानी होती है।
120 करोड़ रुपये का होगा निवेश
दिल्ली नगर निगम की इस परियोजना को सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी पीपीपी मॉडल के तहत लागू किया जाएगा।इसके अंतर्गत एक निजी एजेंसी अगले 10 वर्षों के दौरान लगभग 120 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।परियोजना के तहत तीनों अस्पतालों में कम से कम तीन 128-स्लाइस सीटी स्कैन मशीनें और तीन 1.5 टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित की जाएंगी।इन आधुनिक उपकरणों के माध्यम से मरीजों की विभिन्न बीमारियों की जांच करने में सहायता मिलेगी।
सत्या शर्मा ने बताया महत्वपूर्ण पहल
स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कहा कि दिल्ली नगर निगम आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि निगम का उद्देश्य आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए अधिक सुलभ बनाना है।सत्या शर्मा के अनुसार, तीन अस्पतालों में सीटी स्कैन और एमआरआई सुविधाओं के विस्तार से मरीजों को जरूरी चिकित्सा जांच कम कीमत पर कराने में मदद मिलेगी।उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और आवश्यक जांच सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ाना निगम की प्राथमिकताओं में शामिल है।
गंभीर बीमारियों की पहचान में मिलेगी मदद
सीटी स्कैन और एमआरआई आधुनिक चिकित्सा जांच की महत्वपूर्ण तकनीकें हैं। इनका उपयोग शरीर के आंतरिक अंगों, मस्तिष्क, हड्डियों और अन्य संरचनाओं की विस्तृत जांच के लिए किया जाता है।सीटी स्कैन के माध्यम से चिकित्सक चोट, आंतरिक रक्तस्राव और कई अन्य चिकित्सकीय स्थितियों की पहचान कर सकते हैं।वहीं, एमआरआई का उपयोग विशेष रूप से मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी, जोड़ों और शरीर के मुलायम ऊतकों की जांच में किया जाता है।इन सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ने से डॉक्टरों को बीमारियों की पहचान और उपचार संबंधी निर्णय लेने में मदद मिल सकती है।
आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को मिलेगा फायदा
दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में बड़ी संख्या में ऐसे मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति सीमित होती है।कई बार महंगी जांच के कारण मरीजों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। ऐसे में कम दरों पर आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध होने से इलाज का खर्च घटाने में सहायता मिल सकती है।निगम की इस पहल से मरीजों को अस्पताल परिसर में ही आवश्यक जांच सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की तैयारी
दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति से मंजूरी मिलने के बाद परियोजना को लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।इसके तहत आवश्यक मशीनों की स्थापना, तकनीकी व्यवस्थाओं और संचालन संबंधी तैयारियों पर काम किया जाएगा।हालांकि, तीनों अस्पतालों में इन सुविधाओं के शुरू होने की निश्चित तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।इस परियोजना के लागू होने से दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में आधुनिक जांच सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ेगी और मरीजों को कम खर्च पर आवश्यक चिकित्सा जांच कराने का अवसर मिलेगा।
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