फर्जी कॉल सेंटर के जरिए अमेरिकी नागरिकों से करोड़ों की ऑनलाइन ठगी करने वाला गिरोह बेनकाब
Delhi दिल्ली: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित एक हाई-टेक साइबर ठगी और उगाही रैकेट का पर्दाफाश किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, यह गिरोह पंजाब और दिल्ली में संचालित फर्जी कॉल सेंटरों और कार्यालयों के माध्यम से मुख्य रूप से अमेरिका के नागरिकों को निशाना बनाता था। गिरोह का सरगना पूरे नेटवर्क का संचालन करता था और इसके सदस्य खुद को माइक्रोसॉफ्ट, वित्तीय संस्थानों तथा कानून प्रवर्तन एजेंसियों का प्रतिनिधि बताकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे।
सीबीआई के मुताबिक, आरोपी इंटरनेट पर नकली माइक्रोसॉफ्ट टोल-फ्री नंबर प्रदर्शित करने वाले फर्जी पॉप-अप संदेश कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखाते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति इन नंबरों पर संपर्क करता, उसकी कॉल सीधे गिरोह द्वारा संचालित फर्जी कॉल सेंटर में पहुंच जाती थी। वहां आरोपी खुद को तकनीकी विशेषज्ञ बताकर कंप्यूटर में कथित खराबी दूर करने के नाम पर पीड़ितों से बड़ी रकम वसूलते थे।
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह कई मामलों में पीड़ितों को यह कहकर डराता था कि उनका नाम बाल अश्लीलता (चाइल्ड पोर्नोग्राफी) जैसे गंभीर अपराधों में सामने आया है। इसके बाद उन्हें गिरफ्तारी या कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर क्रिप्टोकरेंसी एटीएम के माध्यम से फिरौती जैसी रकम जमा कराने के लिए मजबूर किया जाता था।
सीबीआई के अनुसार, ठगी से प्राप्त क्रिप्टोकरेंसी को कई अलग-अलग क्रिप्टो वॉलेट के जरिए ट्रांसफर कर उसकी वास्तविक पहचान छिपाई जाती थी। बाद में इस रकम को दिल्ली में सक्रिय ऑपरेटरों की मदद से मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए वैध धन के रूप में परिवर्तित किया जाता था।
जांच एजेंसी इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों, वित्तीय लेनदेन और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांच कर रही है। सीबीआई का मानना है कि यह संगठित साइबर अपराध गिरोह लंबे समय से विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दे रहा था।