ओवरस्पीडिंग रोकने के लिए दिल्ली-गुरुग्राम, द्वारका ई-वे पर 190 कैमरे लगाए
Delhi दिल्ली: दिल्ली-गुरुग्राम और द्वारका एक्सप्रेसवे पर होने वाली दुर्घटनाओं में से 70 प्रतिशत के लिए ओवरस्पीडिंग जिम्मेदार है, इसलिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) इस खतरे को कम करने के लिए कमर कस रहा है। प्राधिकरण ने एनएच-48 और द्वारका एक्सप्रेसवे पर 190 हाई रेजोल्यूशन कैमरे लगाए हैं। ये कैमरे ओवरस्पीड और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान करने और उन्हें दंडित करने में मदद करेंगे। ऑनलाइन चालान जारी किए जाएंगे, जो निवारक के रूप में काम करेंगे। इन कैमरों को लगाने का काम पूरा हो चुका है और इन कैमरों की टेस्टिंग चल रही है। इस महीने के अंत तक ये कैमरे पूरी तरह से चालू हो जाएंगे। दोनों हाईवे पर लगाए गए ये कैमरे 24X7 चालू रहेंगे। कुल कैमरों में से एक तिहाई कैमरे स्पीड एनफोर्समेंट तकनीक के साथ लगाए गए हैं। एनएचएआई की ओर से दिल्ली के राजौरी स्थित शिव मूर्ति से एनएच-48 पर खेड़की दौला तक 27.2 किलोमीटर क्षेत्र में तथा हाईवे पर ही द्वारका एक्सप्रेसवे के जरिए खेड़की दौला से दिल्ली में शिव मूर्ति तक 28.8 किलोमीटर क्षेत्र में तीन तरह के कैमरे लगाए गए हैं।
करीब 56 किलोमीटर क्षेत्र में 190 कैमरे लगाए गए हैं। इनमें से 110 कैमरे पीटीजेड, 15 कैमरे 360 डिग्री तथा 65 कैमरे स्पीड इंफोर्समेंट के लिए लगाए गए हैं। नौ महीने में पूरे हुए इस प्रोजेक्ट पर 17 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। ये कैमरे 15 प्वाइंट पर लगाए गए हैं। इनमें से द्वारका एक्सप्रेसवे पर नौ प्वाइंट तथा एनएच-48 पर छह प्वाइंट पर कैमरे लगाए गए हैं। 15 प्वाइंट पर लगाए गए कुल 190 कैमरों में से 65 कैमरे स्पीड रीडिंग के लिए हैं। कंट्रोल रूम दोनों एक्सप्रेसवे पर ओवर स्पीड वाहन चलाने वालों पर नजर रखेगा। गति सीमा के अलावा एनएचएआई प्रतिबंधित वाहनों, चालकों की सुरक्षा, गलत साइड वाहन चलाने, सुरक्षा उपाय, टोल वसूली, ओवर टेकिंग, लेन ड्राइविंग, यात्रियों की सुरक्षा, खतरनाक सामग्री ले जाने वाले वाहनों और अन्य प्रकार के यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी नजर रखेगा। इस प्रोजेक्ट के तहत अधिकतम 110 पीटीजेड कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे हर एंगल से वाहन की फुटेज को कवर करते हैं। हाईवे के मुख्य कैरिजवे के साथ-साथ सर्विस लेन को भी शत-प्रतिशत कवरेज देने के लिए 15 कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा 65 कैमरे सिर्फ ओवर स्पीड वाहन चलाने वालों पर नजर रखने के लिए लगाए गए हैं। ये कैमरे नाइट विजन तकनीक से भी लैस हैं।