नई दिल्ली। नीट यूजी रिजल्ट जारी होने के बाद से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर लगातार सवाल उठ रहे थे। कई छात्र-छात्राओं ने अपनी OMR आंसर शीट में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा की थीं। अब एनटीए ने इन आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि कई छात्रों द्वारा साझा की गई OMR शीट की तस्वीरें असली नहीं हैं, बल्कि उन्हें डिजिटल तरीके से बदला गया है।
एनटीए ने सोमवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए जानकारी साझा करते हुए बताया कि आर्या सिंह, प्रतिभा त्रिवेदी, अभय यादव, लक्ष्य सिंह और अवनीश श्रीवास्तव समेत पांच छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की गई है। जांच के बाद एजेंसी ने दावा किया कि छात्रों द्वारा साझा की गई कुछ तस्वीरों में AI या डिजिटल मैनिपुलेशन के संकेत मिले हैं।
एनटीए ने कहा कि NEET UG 2026 के परिणामों को लेकर आई शिकायतों की जांच के दौरान पहली बार AI से बदली गई OMR शीट के मामले सामने आए हैं। एजेंसी के अनुसार, उसके पास मौजूद मूल रिकॉर्ड और OMR शीट की जांच में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं मिली है। एनटीए ने यह भी चेतावनी दी है कि फर्जी दस्तावेज या गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
एनटीए ने अभय यादव के मामले में बताया कि उनकी असली OMR आंसर शीट एजेंसी के रिकॉर्ड में मौजूद है। उम्मीदवार ने दावा किया था कि उन्होंने केवल पांच सवाल छोड़े थे और उनका स्कोर 634 अंक होना चाहिए। हालांकि, एनटीए की जांच में पाया गया कि 180 सवालों में से 44 सवाल बिना हल किए गए थे। रिकॉर्ड और कैलकुलेशन शीट के मिलान के बाद 164 अंकों का स्कोर सही पाया गया और घोषित परिणाम को सही बताया गया।
वहीं लक्ष्य सिंह की OMR शीट को लेकर एनटीए ने कहा कि सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीर में ऐसे कई जवाब दिखाए गए हैं जो असली OMR शीट में मौजूद नहीं हैं। एजेंसी के अनुसार, डिजिटल तरीके से अतिरिक्त विकल्पों पर निशान लगाए गए हैं। जांच में पाया गया कि छात्र ने 180 सवालों में से केवल 54 सवालों के जवाब दिए थे, जिनमें 34 सही और 20 गलत थे। एनटीए ने बताया कि उनका 116 अंकों का स्कोर सही है।
प्रतिभा त्रिवेदी के मामले में भी एनटीए ने दावा किया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही OMR शीट असली नहीं है। एजेंसी के अनुसार, यह मूल OMR शीट का डिजिटल रूप से बदला हुआ संस्करण है। जांच के बाद 38 अंकों का स्कोर सही पाया गया और घोषित स्कोर को ही मान्य बताया गया।
अवनीश श्रीवास्तव के मामले में एनटीए ने कहा कि उनकी असली OMR शीट में उम्मीदवार का नाम, माता-पिता की जानकारी, हस्ताक्षर, अंगूठे का निशान और निरीक्षक के हस्ताक्षर मौजूद हैं। सोशल मीडिया पर शेयर की गई तस्वीर एनटीए द्वारा जारी OMR शीट नहीं है। एजेंसी के अनुसार, वायरल तस्वीर में दी गई पहचान संबंधी जानकारी NEET UG 2026 के किसी भी उम्मीदवार से मेल नहीं खाती। एनटीए ने दावा किया कि इस शीट को AI या OCR आधारित टूल की मदद से दोबारा तैयार किया गया है। जांच के बाद 337 अंकों का स्कोर सही पाया गया।
कानपुर की छात्रा आर्या सिंह के मामले में एनटीए ने बताया कि वायरल की गई OMR शीट में डिजिटल बदलाव किए गए हैं। एजेंसी के अनुसार, असली शीट पर निरीक्षक के हस्ताक्षर का समय 3:45 PM दर्ज था, जबकि बदली हुई तस्वीर में इसे 2:45 PM कर दिया गया। एनटीए ने कई अन्य डिजिटल बदलावों के संकेत मिलने की बात कही। जांच में आर्या सिंह का 167 अंकों का स्कोर सही पाया गया।
एनटीए ने सभी छात्रों से जुड़े विवरण अपने आधिकारिक X हैंडल पर साझा किए हैं। एजेंसी ने कहा कि सार्वजनिक परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड में छेड़छाड़ करना या फर्जी दस्तावेज तैयार कर फैलाना कानूनन अपराध है।
एनटीए ने चेतावनी दी है कि फर्जी OMR शीट बनाना, उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित करना या परीक्षा रिकॉर्ड से अलग गलत दावे करना पब्लिक एग्जामिनेशन्स (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 के तहत कार्रवाई योग्य अपराध है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। एजेंसी ने छात्रों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और किसी भी तरह की गलत जानकारी साझा करने से बचें।