नई दिल्ली। NEET PG 2026 काउंसलिंग में पहले राउंड के तहत सीट पाने वाले मेडिकल अभ्यर्थियों के लिए राहत की खबर है। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने पहले वर्ष की कोर्स फीस जमा करने के नियमों में बदलाव किया है। अब जिन उम्मीदवारों को पहली काउंसलिंग में सीट मिल गई है, लेकिन वे बेहतर मेडिकल कॉलेज या अपनी पसंद की सीट पाने के लिए अगले राउंड में अपग्रेडेशन का विकल्प चुनना चाहते हैं, उन्हें नई सीट का नतीजा आने तक पहले साल की कोर्स फीस जमा नहीं करनी होगी। इससे उन उम्मीदवारों को आर्थिक राहत मिलेगी, जिन्हें बेहतर सीट की उम्मीद में बड़ी रकम जमा करने की चिंता रहती है। वहीं, अपनी मौजूदा सीट स्वीकार करके प्रवेश लेने वाले उम्मीदवारों को पहले वर्ष की फीस सीधे संबंधित NBEMS-मान्यता प्राप्त अस्पताल या संस्थान में जमा करनी होगी।
NBEMS ने क्यों बदले फीस जमा करने के नियम?
NEET PG काउंसलिंग के तहत मेडिकल अभ्यर्थियों को उनकी रैंक, पसंद और उपलब्ध सीटों के आधार पर MD, MS और अन्य स्नातकोत्तर मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाता है। पहले राउंड में सीट मिलने के बाद कुछ उम्मीदवार उसी कॉलेज में प्रवेश लेना चाहते हैं, जबकि कुछ बेहतर कॉलेज या पसंदीदा विषय में सीट पाने के लिए अगले राउंड का इंतजार करते हैं।
ऐसे में पहले वर्ष की फीस जमा करने को लेकर उम्मीदवारों के सामने आर्थिक असमंजस की स्थिति बन सकती थी। इसी प्रक्रिया को स्पष्ट करने के लिए NBEMS ने फीस भुगतान के नियमों के संबंध में नई सलाह जारी की है।24 अक्टूबर 2026 को जारी निर्देशों के अनुसार, आगे के राउंड में सीट अपग्रेड कराने का विकल्प चुनने वाले उम्मीदवारों को अपग्रेडेशन का इंतजार करते समय पहले साल की कोर्स फीस नहीं देनी होगी।
सीट अपग्रेड कराने वालों के लिए क्या है नया नियम?
नए नियम का लाभ उन उम्मीदवारों को मिलेगा, जिन्हें MCC की NEET PG 2026 काउंसलिंग के माध्यम से NBEMS-मान्यता प्राप्त संस्थान में सीट आवंटित हुई है और वे अगले राउंड में सीट अपग्रेड कराना चाहते हैं।यदि उम्मीदवार ‘फ्लोट’ यानी अपग्रेडेशन का विकल्प चुनता है, तो उसे अगली काउंसलिंग का परिणाम आने तक पहले वर्ष की कोर्स फीस जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी।NBEMS ने मान्यता प्राप्त अस्पतालों और संस्थानों को भी निर्देश दिया है कि फ्लोट विकल्प चुनने वाले उम्मीदवारों से इस अवधि में पहले साल की फीस न वसूली जाए।
यदि उम्मीदवार को आगे के राउंड में बेहतर सीट मिल जाती है और वह उसे स्वीकार कर लेता है, तो उसे अंतिम रूप से चुने गए संस्थान में निर्धारित नियमों के अनुसार फीस जमा करनी होगी।सीट फ्रीज करने वालों को देनी होगी फीसजो उम्मीदवार पहले राउंड में मिली सीट से संतुष्ट हैं और उसी कॉलेज में प्रवेश लेना चाहते हैं, वे ‘फ्रीज’ विकल्प चुन सकते हैं।ऐसे उम्मीदवारों को पहले वर्ष की वार्षिक कोर्स फीस सीधे उस NBEMS-मान्यता प्राप्त अस्पताल या संस्थान में जमा करनी होगी, जहां उन्हें सीट आवंटित हुई है।पहले वर्ष की फीस काउंसलिंग के दौरान NBEMS के खाते में जमा नहीं की जाएगी। इसके बजाय संबंधित संस्थान ही उम्मीदवार से फीस प्राप्त करेगा।इस बदलाव के बाद उम्मीदवारों के लिए फ्लोट और फ्रीज विकल्पों के बीच अंतर समझना और भी महत्वपूर्ण हो गया है।
विकल्प फीस भुगतान का नियम
फ्लोट/अपग्रेडेशन अगला राउंड आने तक पहले साल की फीस जमा नहीं करनी होगीफ्रीज/सीट स्वीकार करना पहले वर्ष की फीस संबंधित NBEMS-मान्यता प्राप्त संस्थान में जमा करनी होगीयह नियम उन सीटों पर लागू है, जो MCC की काउंसलिंग के जरिए NBEMS-मान्यता प्राप्त संस्थानों में आवंटित की गई हैं।पहले राउंड की रिपोर्टिंग कब तक होगी?NEET PG 2026 काउंसलिंग के पहले राउंड में सीट पाने वाले उम्मीदवारों के लिए रिपोर्टिंग और जॉइनिंग की समयसीमा 26 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है।
अभ्यर्थियों को अपने आवंटन पत्र में दी गई जानकारी और MCC के आधिकारिक निर्देशों के अनुसार आवश्यक प्रक्रिया पूरी करनी होगी।सीट मिलने के बाद उम्मीदवारों को यह समझना जरूरी है कि केवल फीस भुगतान के नियम बदलने से रिपोर्टिंग या अन्य अनिवार्य औपचारिकताएं समाप्त नहीं होतीं।इसलिए उम्मीदवारों को संबंधित कॉलेज में रिपोर्टिंग, दस्तावेज सत्यापन, मेडिकल फिटनेस और काउंसलिंग के निर्देशों का पालन करना होगा।
अपग्रेड सीट मिलने पर ट्रेनिंग कब से शुरू मानी जाएगी?
NBEMS के निर्देशों के अनुसार, जो उम्मीदवार अपग्रेडेशन का विकल्प नहीं चुनते और अपनी मौजूदा सीट पर प्रवेश लेते हैं, उन्हें MCC की निर्धारित समयसीमा के भीतर संबंधित संस्थान में ट्रेनिंग जॉइन करनी होगी।
वहीं, यदि किसी उम्मीदवार को अगले राउंड में अपग्रेडेड सीट आवंटित होती है, तो उसकी ट्रेनिंग अवधि नई सीट पर जॉइन करने की तारीख से मानी जाएगी।इसलिए उम्मीदवारों को सीट अपग्रेड कराने का विकल्प चुनते समय अपनी पसंद, उपलब्ध सीटों और संबंधित संस्थान की शर्तों पर ध्यान देना चाहिए।
NBEMS का OPJR पोर्टल भी फिलहाल बंद रहेगाNBEMS ने ऑनलाइन पोर्टल फॉर जॉइनिंग एंड रजिस्ट्रेशन (OPJR) को लेकर भी जानकारी दी है। यह पोर्टल NEET PG 2026 काउंसलिंग के सभी राउंड पूरे होने तक बंद रहेगा।
काउंसलिंग प्रक्रिया समाप्त होने के बाद पोर्टल दोबारा खोला जाएगा। इसके माध्यम से उम्मीदवार और संबंधित अस्पताल या संस्थान जॉइनिंग की जानकारी तथा आवश्यक दस्तावेज जमा कर सकेंगे।इस प्रक्रिया के बारे में NBEMS की ओर से अलग से विस्तृत सूचना जारी की जाएगी।
उम्मीदवारों को क्या करना चाहिए?
मेडिकल अभ्यर्थियों को सबसे पहले यह तय करना चाहिए कि वे आवंटित सीट पर प्रवेश लेना चाहते हैं या बेहतर सीट के लिए अगले राउंड में भाग लेना चाहते हैं।फ्लोट और फ्रीज के बीच चुनाव करने से पहले काउंसलिंग के नियम, कॉलेज की फीस और प्रवेश से जुड़ी शर्तें अच्छी तरह पढ़ लें। उम्मीदवारों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके दस्तावेज और रिपोर्टिंग संबंधी औपचारिकताएं निर्धारित समयसीमा में पूरी हों।
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