मुंबई : जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड के शेयरों में शुक्रवार को अचानक तेज उछाल देखने को मिला। सुबह करीब 11 बजे तक कंपनी के शेयर 95.46 रुपये से 97 रुपये के दायरे में कारोबार कर रहे थे। सवा 11 बजे के बाद शेयर में खरीदारी तेजी से बढ़ी और इसने 104.74 रुपये के दिन के उच्च स्तर को छू लिया। दोपहर करीब सवा एक बजे ZEEL का शेयर 5.73 प्रतिशत की बढ़त के साथ 102.29 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
शेयरों में आई इस तेजी के पीछे सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल यानी सैट का एक अहम फैसला रहा। सैट ने जी एंटरटेनमेंट की उस याचिका को मंजूरी दे दी, जिसमें कंपनी ने प्रमोटर समूह से प्रेफरेंशियल वारंट के माध्यम से धन जुटाने की अनुमति मांगी थी। इसके साथ ही ट्रिब्यूनल ने कंपनी को सामान्य कारोबारी जरूरतों और रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने के लिए म्यूचुअल फंड से पैसा निकालने की सीमित छूट भी दी है।
सैट ने कंपनी को प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट की प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया है। इससे पहले वारंट जारी करने की समयसीमा 14 अगस्त को समाप्त होने वाली थी। समयसीमा बढ़ाए जाने से कंपनी की करीब 3,144 करोड़ रुपये जुटाने की प्रस्तावित योजना को आगे बढ़ाने का रास्ता खुल गया है। इसी राहत के बाद शेयर बाजार में जी एंटरटेनमेंट के काउंटर पर खरीदारी तेज हो गई।
ट्रिब्यूनल की तकनीकी सदस्य मीरा स्वरूप ने पीठ का आदेश पढ़ते हुए कहा कि जी एंटरटेनमेंट और पुनीत गोयनका को प्रमोटर समूह की इकाई के साथ पूर्ण रूप से परिवर्तनीय वारंट जारी करने की प्रक्रिया पूरी करने की अनुमति दी जाती है। हालांकि, इसके लिए दोनों अपीलकर्ताओं को एक सप्ताह के भीतर पूरा जुर्माना जमा करना होगा।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि म्यूचुअल फंड से निकाली जाने वाली रकम का इस्तेमाल केवल कंपनी के सामान्य कारोबार और रोजमर्रा के आवश्यक खर्चों के लिए किया जा सकेगा। इस धन का उपयोग किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं किया जा सकता। प्रस्तावित लाभांश का भुगतान भी इस रकम से करने की अनुमति नहीं दी गई है। इस तरह सैट ने कंपनी को राहत देते हुए धन के इस्तेमाल पर स्पष्ट शर्तें भी लगाई हैं।
मामला भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी सेबी के 31 जुलाई 2026 के आदेश से जुड़ा है। सेबी ने जी एंटरटेनमेंट की हैदराबाद स्थित जमीन को बिना आवश्यक मंजूरी के प्रमोटरों से संबंधित इकाइयों के कर्ज के लिए सिक्योरिटी के रूप में इस्तेमाल किए जाने पर कार्रवाई की थी। नियामक के अनुसार, इस प्रक्रिया के लिए आवश्यक कॉरपोरेट मंजूरी नहीं ली गई और संबंधित जानकारी का उचित खुलासा भी नहीं किया गया।
सेबी की जांच कंपनी की संपत्तियों से संबंधित टाइटल डीड गायब होने की जानकारी सामने आने के बाद शुरू हुई थी। जांच में सेबी ने पाया कि कंपनी की संपत्ति का इस्तेमाल बड़े शेयरधारकों से संबंधित इकाइयों के लाभ के लिए किया गया। आरोप था कि इसकी जानकारी कंपनी के बोर्ड, ऑडिट कमेटी, शेयरधारकों और निवेशकों को उचित तरीके से नहीं दी गई। सेबी ने इसे प्रतिभूति कानूनों और कॉरपोरेट गवर्नेंस नियमों का उल्लंघन माना था।
इसके बाद सेबी ने जी एंटरटेनमेंट पर 30 लाख रुपये, पुनीत गोयनका पर 58 लाख रुपये और सुभाष चंद्रा पर 60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। तीनों पर लगाया गया कुल जुर्माना 1.48 करोड़ रुपये है। इसके अलावा पुनीत गोयनका और सुभाष चंद्रा को एक वर्ष के लिए प्रतिभूति बाजार से दूर रहने का निर्देश दिया गया था। जी एंटरटेनमेंट पर भी दो महीने तक बाजार से पूंजी जुटाने पर रोक लगाई गई थी।
सेबी की रोक से कंपनी की प्रमोटर आधारित फंडिंग योजना प्रभावित हो रही थी। अब सैट से मिली सशर्त राहत के बाद कंपनी प्रेफरेंशियल वारंट जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकेगी। इससे ZEEL की वित्तीय जरूरतें पूरी होने की उम्मीद मजबूत हुई है। हालांकि, कंपनी को निर्धारित अवधि के भीतर जुर्माना जमा करना होगा और म्यूचुअल फंड से निकाली गई रकम का इस्तेमाल केवल स्वीकृत कारोबारी जरूरतों के लिए करना होगा।
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