नई दिल्ली: वित्त मंत्रालय ने बुधवार को घोषणा की कि उसने वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही के लिए प्रमुख छोटी बचत योजनाओं (small savings schemes) की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे सरकार समर्थित बचत योजनाओं में निवेश करने वाले लाखों जमाकर्ताओं को स्थिरता मिलेगी।
एक आधिकारिक अधिसूचना में, वित्त मंत्रालय ने कहा कि 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाली और 31 दिसंबर 2026 को समाप्त होने वाली तिमाही के लिए विभिन्न छोटी बचत योजनाओं पर लागू ब्याज दरें वही रहेंगी जो जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए बताई गई थीं।
इस फैसले का मतलब है कि पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) जैसी लोकप्रिय बचत योजनाओं में निवेश करने वालों को अक्टूबर-दिसंबर की अवधि के दौरान मौजूदा दरों पर ही रिटर्न मिलता रहेगा।
मौजूदा दर संरचना के तहत, PPF जमा पर सालाना 7.1 प्रतिशत की ब्याज दर मिलती रहेगी। सुकन्या समृद्धि योजना, जिसका उद्देश्य बालिकाओं के लिए बचत को प्रोत्साहित करना है, 8.2 प्रतिशत ब्याज देना जारी रखेगी, जिससे यह सबसे अधिक रिटर्न देने वाली छोटी बचत योजनाओं में से एक बनी रहेगी। वहीं, नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट में निवेश पर सालाना 7.7 प्रतिशत की ब्याज दर मिलती रहेगी।
छोटी बचत योजनाओं का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर ऐसे खुदरा निवेशक करते हैं जो सुरक्षित और निश्चित रिटर्न चाहते हैं; ये योजनाएं परिवारों की वित्तीय योजना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने के सरकार के फैसले से बचतकर्ताओं को निश्चितता मिलने की उम्मीद है, साथ ही बदलती ब्याज दर स्थितियों के बीच इन योजनाओं का आकर्षण भी बना रहेगा।
छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की तिमाही समीक्षा पर निवेशकों की पैनी नज़र रहती है क्योंकि इससे आने वाली तीन महीने की अवधि में किए जाने वाले नए निवेश पर मिलने वाला रिटर्न तय होता है। हालांकि, मौजूदा निवेश पर संबंधित योजनाओं की शर्तों के अनुसार ब्याज मिलता रहता है।
सरकार द्वारा अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए दरों को बनाए रखने से, निवेशकों को अधिसूचित छोटी बचत योजनाओं में नए जमा और मौजूदा निवेश दोनों पर समान रिटर्न मिलता रहेगा। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना में घोषणा की गई कि वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही के लिए ब्याज दरें अपरिवर्तित रहेंगी, लेकिन इसमें लागू दरों का योजना-वार विवरण नहीं दिया गया।
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