Xiaomi 18 Fold की एंट्री जल्द XRING O3 चिप के साथ बनेगा नया रिकॉर्ड
Xiaomi का बड़ा दांव
Tech : Xiaomi ने अपनी इन-हाउस चिप टेक्नोलॉजी में बड़ा कदम बढ़ाते हुए नई फ्लैगशिप XRING O3 प्रोसेसर पेश कर दिया है। कंपनी की यह नई चिप उसके आगामी फोल्डेबल स्मार्टफोन Xiaomi 18 Fold में सबसे पहले इस्तेमाल की जाएगी। Xiaomi ने पुष्टि की है कि नया फोल्डेबल फोन सितंबर 2026 में बाजार में उतारा जाएगा।
XRING O3 को Xiaomi ने अपने सबसे हाई-एंड प्रोडक्ट्स के लिए तैयार किया है। कंपनी इसे AI फ्लैगशिप SoC के तौर पर पेश कर रही है। Reuters के मुताबिक इस चिप का निर्माण TSMC की 3nm प्रोसेस टेक्नोलॉजी पर किया जाएगा। Xiaomi का मकसद अपने प्रमुख स्मार्टफोन कंपोनेंट्स पर ज्यादा नियंत्रण हासिल करना और Qualcomm तथा MediaTek जैसे बाहरी चिप सप्लायर्स पर निर्भरता कम करना है।
कंपनी के दावे के मुताबिक XRING O3 ने AnTuTu बेंचमार्क में 52.2 लाख से ज्यादा स्कोर हासिल किया है। इसे 50 लाख का आंकड़ा पार करने वाली पहली फ्लैगशिप मोबाइल SoC बताया जा रहा है। हालांकि बेंचमार्क स्कोर लैब कंडीशन और डिवाइस कॉन्फिगरेशन पर निर्भर करते हैं, इसलिए वास्तविक फोन पर मिलने वाली परफॉर्मेंस का पता Xiaomi 18 Fold के लॉन्च और स्वतंत्र टेस्ट के बाद ही चलेगा।
XRING O3 में 10-कोर ऑल-बिग-कोर CPU आर्किटेक्चर दिया गया है। कंपनी के मुताबिक इसके मल्टी-कोर स्कोर में पिछली पीढ़ी की तुलना में करीब 60 प्रतिशत तक सुधार हुआ है। नए प्रोसेसर में G2-Ultra NX GPU दिया गया है और Xiaomi का दावा है कि GPU परफॉर्मेंस में 85 प्रतिशत तक बढ़ोतरी और बिजली की खपत में 64 प्रतिशत तक कमी देखने को मिल सकती है।
नई चिप की एक और बड़ी खासियत LPDDR6 मेमोरी सपोर्ट है। कंपनी के अनुसार XRING O3 में 113.8GB/s तक मेमोरी बैंडविड्थ मिलती है, जो XRING O1 की तुलना में करीब 48 प्रतिशत ज्यादा है। इससे गेमिंग, मल्टीटास्किंग, हाई-रिजॉल्यूशन वीडियो प्रोसेसिंग और AI आधारित कामों में फायदा मिलने का दावा किया गया है।
AI परफॉर्मेंस पर भी Xiaomi ने खास फोकस किया है। XRING O3 के NPU आर्किटेक्चर को कंपनी के MiMo ऑन-डिवाइस AI मॉडल के लिए तैयार किया गया है। कंपनी 200 TOPS तक Tensor computing क्षमता का दावा कर रही है। इसके अलावा CPU, GPU, ISP और दूसरे मॉड्यूल्स में भी AI acceleration को शामिल किया गया है।
चिप में इमेज प्रोसेसिंग और ग्राफिक्स से जुड़े कई एडवांस फीचर्स भी दिए गए हैं। कंपनी का कहना है कि इससे AI सुपर रेजॉल्यूशन, फ्रेम इंटरपोलेशन और लो-लाइट वीडियो नॉइज रिडक्शन जैसी सुविधाओं में सुधार होगा। इसका फायदा खासतौर पर फोल्डेबल फोन जैसे प्रीमियम डिवाइस में कैमरा, गेमिंग और मल्टीटास्किंग के दौरान देखने को मिल सकता है।
XRING O3 को सबसे पहले Xiaomi 18 Fold में इस्तेमाल किया जाएगा। Xiaomi के वरिष्ठ अधिकारी Lu Weibing ने भी नए फोन को लेकर सितंबर की ओर इशारा किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक वह पहले ही Xiaomi 18 Fold का इस्तेमाल कर रहे हैं और कंपनी ने फोन के सितंबर में बाजार में आने की पुष्टि की है।
Xiaomi 18 Fold को कंपनी के प्रीमियम फोल्डेबल लाइनअप का अहम मॉडल माना जा रहा है। फिलहाल Xiaomi ने इसके सभी हार्डवेयर स्पेसिफिकेशन सार्वजनिक नहीं किए हैं। कुछ रिपोर्ट्स में बड़ी बैटरी और हाई-रिजॉल्यूशन कैमरा जैसे फीचर्स का दावा किया गया है, लेकिन इन्हें आधिकारिक पुष्टि मिलने तक केवल लीक या अनुमान के रूप में ही देखना चाहिए।
Reuters के मुताबिक XRING O3 से लैस Xiaomi के आगामी फ्लैगशिप फोल्डेबल फोन की शुरुआती शिपमेंट 2 लाख से 3 लाख यूनिट के बीच रखने की योजना हो सकती है। हालांकि Xiaomi और TSMC ने निर्माण तकनीक तथा शिपमेंट से जुड़े इन आंकड़ों पर Reuters को तत्काल आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी थी।
Xiaomi का इन-हाउस चिप पर जोर ऐसे समय में बढ़ रहा है जब Apple, Samsung और Huawei जैसी कंपनियां भी अपने डिवाइस के लिए प्रोसेसर विकसित करती हैं। XRING O1 के बाद XRING O3 कंपनी की इसी रणनीति का अगला बड़ा कदम है। Xiaomi के मुताबिक XRING O1 आधारित डिवाइसों की कुल शिपमेंट पहले ही 10 लाख यूनिट पार कर चुकी है।
कुल मिलाकर XRING O3 के साथ Xiaomi अब केवल स्मार्टफोन निर्माता के बजाय प्रमुख चिप डिजाइन कंपनियों की दौड़ में भी अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश कर रही है। सितंबर 2026 में Xiaomi 18 Fold के आने के बाद साफ होगा कि कंपनी के रिकॉर्डतोड़ बेंचमार्क और AI परफॉर्मेंस के दावे वास्तविक इस्तेमाल में कितना असर दिखाते हैं।