Business व्यापर : आधुनिक डिजिटल युग में भारतीय उपभोक्ताओं की खरीदारी की आदतें तेजी से बदल रही हैं। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और फिनटेक कंपनियों द्वारा पेश की गई 'बाय नाउ, पे लेटर' (BNPL) यानी "अभी खरीदें, भुगतान बाद में करें" की सुविधा ने युवाओं और मध्यम वर्ग के बीच खासी लोकप्रियता हासिल कर ली है। बिना किसी क्रेडिट कार्ड, बिना कागजी कार्रवाई और पलक झपकते ही लोन (Instant Credit) की सुविधा देने वाला यह मॉडल पहली नजर में बेहद आकर्षक लगता है। हालांकि, वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसका समझदारी से इस्तेमाल न किया जाए, तो यह 'आसान किश्त' (Easy EMI) का लालच उपभोक्ता को गहरे कर्ज के जाल में धकेल सकता है। 

BNPL क्या है और यह कैसे काम करता है?

BNPL एक प्रकार का अल्पकालिक (Short-term) डिजिटल क्रेडिट है। इसके तहत ग्राहक ऑनलाइन या ऑफलाइन खरीदारी करते समय तुरंत भुगतान करने के बजाय भुगतान को 15 से 30 दिनों के लिए टाल सकते हैं या उसे बिना किसी ब्याज (0% Interest) की किश्तों में बांट सकते हैं।क्रेडिट कार्ड की तुलना में BNPL हासिल करना काफी आसान है। इसके लिए सिर्फ आधार या पैन कार्ड से तुरंत KYC हो जाती है, जिससे बिना किसी क्रेडिट हिस्ट्री (CIBIL Score) वाले युवा और नए नौकरीपेशा लोग भी इसका आसानी से फायदा उठा लेते हैं।

आसान किश्तों का 'साइकोलॉजिकल ट्रैप'

BNPL का सबसे बड़ा हथियार उपभोक्ता का मनोविज्ञान है। जब किसी वस्तु की कुल कीमत (जैसे ₹30,000 का स्मार्टफोन) एक बार में देने के बजाय छोटी-छोटी किश्तों (जैसे ₹2,500 प्रति माह) में दिखाई देती है, तो वह जेब पर भारी नहीं लगती।अनावश्यक खरीदारी (Impulsive Buying): पैसे तुरंत न कटने के अहसास के कारण लोग उन चीजों को भी खरीद लेते हैं जिनकी उन्हें तत्काल आवश्यकता नहीं होती।बजट से बाहर खर्च: क्रेडिट की सुलभता से उपभोक्ता अपनी मासिक आय की सीमा से अधिक का सामान ऑर्डर कर देते हैं।मल्टीपल ऐप्स का भ्रम: उपभोक्ता एक साथ 3-4 अलग-अलग BNPL ऐप्स से किश्तें बांध लेते हैं। अलग-अलग ऐप्स पर छोटे-छोटे भुगतान शुरू में मामूली लगते हैं, लेकिन महीने के अंत में ये मिलकर बड़ी रकम बन जाते हैं।

कर्ज के जाल में फंसने के मुख्य कारण

अत्यधिक विलंब शुल्क (Late Fees & Penalties): BNPL ऐप्स केवल तय समय सीमा तक ही ब्याज-मुफ्त सेवा प्रदान करते हैं। यदि उपभोक्ता निर्धारित तिथि पर किश्त चुकाने में विफल रहता है, तो उस पर भारी पेनल्टी और 24% से 36% तक का सालाना ब्याज लगाया जाता है।छिपे हुए शुल्क (Hidden Charges): कई फिनटेक कंपनियां किश्त बनाने के नाम पर 'प्रोसेसिंग फीस', 'कन्विनियंस फीस' या 'प्लेटफॉर्म चार्ज' वसूलती हैं, जिन पर आम तौर पर उपभोक्ता का ध्यान नहीं जाता।सिबिल स्कोर (CIBIL Score) पर गंभीर असर: कई लोग BNPL को क्रेडिट कार्ड या पर्सनल लोन जितना गंभीर नहीं मानते। समय पर किश्त न चुकाने पर ये फिनटेक कंपनियां क्रेडिट ब्यूरो को रिपोर्ट करती हैं, जिससे उपभोक्ता का सिबिल स्कोर खराब हो जाता है। भविष्य में होम लोन या कार लोन लेते समय उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।रिकवरी और उत्पीड़न: भुगतान में देरी होने पर रिकवरी एजेंट्स के फोन और मैसेजेस उपभोक्ता के मानसिक तनाव का कारण बनते हैं।

आरबीआई (RBI) का कड़ा रुख

फिनटेक क्षेत्र में अनियमितता और उपभोक्ताओं के बढ़ते कर्ज को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी कड़े कदम उठाए हैं। आरबीआई ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) और डिजिटल लेंडिंग ऐप्स के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसके तहत: डिजिटल लेंडिंग ऐप्स को सभी शुल्कों और ब्याज दरों की स्पष्ट जानकारी (Key Fact Statement) देनी होगी। केवल मान्यता प्राप्त NBFCs या बैंकों के साथ पंजीकृत प्लेटफॉर्म ही डिजिटल क्रेडिट दे सकते हैं।

कर्ज के जाल से खुद को सुरक्षित रखने के लिए उपभोक्ताओं को अपनी वित्तीय आदतों में अनुशासन और सतर्कता लानी होगी। सबसे पहले 'क्या करें' की बात करें तो हमेशा अपनी जरूरत और चाहत के बीच का अंतर समझें। केवल अति-आवश्यक वस्तुओं के लिए ही किश्त का विकल्प चुनना बुद्धिमानी है। अपनी मासिक आय का एक निश्चित बजट बनाएं और यह सुनिश्चित करें कि आपकी कुल कमाई का 15 से 20 प्रतिशत से अधिक हिस्सा किसी भी प्रकार की किश्तों या ईएमआई में न जाए। किसी भी बाय नाउ पे लेटर (BNPL) ऐप का उपयोग करने से पहले उसके नियम, छिपे हुए शुल्क, प्रोसेसिंग फीस और लेट फीस के ढांचे को ध्यान से पढ़ना बेहद जरूरी है। इसके अलावा, हमेशा समय पर किश्त का भुगतान करने का लक्ष्य रखें ताकि आपका सिबिल स्कोर खराब न हो और भविष्य में कोई वित्तीय संकट न खड़ा हो।

दूसरी ओर 'क्या न करें' के संदर्भ में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कभी भी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर मिलने वाली सेल, डिस्काउंट या ऑफर्स को देखकर बिना किसी योजना के इम्पल्सिव शॉपिंग न करें। एक समय में एक से अधिक BNPL ऐप्स या डिजिटल क्रेडिट प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने से बचें, क्योंकि अलग-अलग ऐप्स के छोटे-छोटे भुगतान मिलकर महीने के अंत में बड़ा बोझ बन जाते हैं। कभी भी एक BNPL ऐप का बिल या किश्त चुकाने के लिए किसी दूसरे ऐप या क्रेडिट कार्ड से नया लोन लेने की गलती न करें, क्योंकि यह तरीका आपको सीधे कर्ज के एक कभी न खत्म होने वाले दुचक्र में धकेल देता है। अंत में, अपनी वित्तीय क्षमता से बाहर जाकर केवल दिखावे या देखा-देखी में खरीदारी करने से पूरी तरह परहेज करें।

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