गिरावट के बीच अडानी ग्रीन पर क्यों दांव लगा रहे एक्सपर्ट्स ब्रोकरेज ने दिया बड़ा टारगेट

Update: 2026-08-08 11:16 GMT
बिजनेस : अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयरों में जुलाई के हाई लेवल से करीब 15 से 16 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। हालिया करेक्शन के बावजूद कंपनी के शेयर ने इस साल अब तक बाजार में मजबूत प्रदर्शन किया है। साल की शुरुआत से अडानी ग्रीन एनर्जी का स्टॉक करीब 33.55 फीसदी चढ़ चुका है, जबकि इसी अवधि में बीएसई सेंसेक्स करीब 6 फीसदी नीचे है। ऐसे में निवेशकों के बीच अब चर्चा तेज है कि क्या मौजूदा गिरावट के बाद अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर में दोबारा खरीदारी का मौका बन रहा है।
ब्रोकरेज हाउस की राय देखें तो तस्वीर पूरी तरह नकारात्मक नहीं है। अगस्त में अब तक सामने आई छह ब्रोकरेज रिपोर्ट में से पांच ने अडानी ग्रीन के शेयर पर Buy या Accumulate की राय दी है। हालांकि, सभी ब्रोकरेज का नजरिया एक जैसा नहीं है। कुछ ने शेयर में आगे तेजी की संभावना जताई है, जबकि कुछ ने मौजूदा वैल्यूएशन और जोखिमों को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है।
अडानी ग्रीन का शेयर अपने 52 हफ्तों के हाई 1,631.35 रुपये से करीब 15 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है। इसके बावजूद कई ब्रोकरेज हाउस को कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ क्षमता पर भरोसा है। Axis Capital ने 7 अगस्त को पहली बार कंपनी पर कवरेज शुरू किया और शेयर को Buy रेटिंग दी। ब्रोकरेज ने 12 महीने के लिए 1,704 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है।
वहीं Elara Securities ने 6 अगस्त को अडानी ग्रीन पर Accumulate रेटिंग दी और 1,502 रुपये का टारगेट रखा। इससे पहले 3 अगस्त को Macquarie ने शेयर के लिए 1,800 रुपये का टारगेट दिया था। यह मौजूदा समय में ब्रोकरेज हाउसों के बीच दिए गए ऊंचे टारगेट में शामिल है। दूसरी ओर Bernstein ने शेयर पर Underperform रेटिंग दी है और 1,000 रुपये का टारगेट रखा है। इससे साफ है कि कंपनी को लेकर बाजार में राय पूरी तरह एकतरफा नहीं है।
Axis Capital के मुताबिक अडानी ग्रीन भारत की प्रमुख रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों में शामिल है और उसके पास करीब 20.1 GW की ऑपरेशनल क्षमता है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि कंपनी FY30 तक अपनी रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता को करीब 2.5 गुना बढ़ा सकती है। इसके साथ ही बैटरी स्टोरेज और अन्य एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स में विस्तार कंपनी के कारोबार को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
क्षमता में इस संभावित विस्तार का असर कंपनी की कमाई पर भी पड़ सकता है। Axis Capital का अनुमान है कि कंपनी का रन-रेट EBITDA FY26 में करीब 16,100 करोड़ रुपये से बढ़कर आगे चलकर लगभग 46,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। हालांकि, यह कंपनी के खुद के 55,000 से 60,000 करोड़ रुपये के गाइडेंस से कम है।
ब्रोकरेज ने अडानी ग्रीन के लिए कुछ जोखिमों की ओर भी इशारा किया है। इनमें ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर में देरी प्रमुख है। अगर पावर ट्रांसमिशन से जुड़ा ढांचा समय पर तैयार नहीं होता है तो नई रिन्यूएबल क्षमता को ऑपरेशनल करने में देरी हो सकती है। Axis Capital ने अपने अनुमान में करीब एक साल की संभावित देरी को भी शामिल किया है।
कंपनी को आने वाले वर्षों में भारी पूंजीगत खर्च भी करना होगा। Axis Capital के मुताबिक कंपनी की अनुमानित कैपेक्स जरूरत करीब 2.1 लाख करोड़ रुपये हो सकती है। हालांकि, ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी अपनी इक्विटी जरूरत को आंतरिक कैश फ्लो के जरिए पूरा करने की स्थिति में रह सकती है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि अडानी ग्रीन करीब 20,000 करोड़ रुपये का ऑपरेटिंग कैश फ्लो पैदा कर सकती है।
Emkay Global भी कंपनी को लेकर सकारात्मक है। ब्रोकरेज का मानना है कि अडानी ग्रीन दुनिया के बड़े रिन्यूएबल एनर्जी और स्टोरेज प्लेटफॉर्म में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ रही है। कंपनी के पास जमीन, कनेक्टिविटी और ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस से जुड़ी क्षमताओं का आधार मौजूद है। Emkay Global ने शेयर के लिए 1,650 रुपये का टारगेट दिया है।
हालांकि, Macquarie का 1,800 रुपये का टारगेट निवेशकों का ध्यान खींच रहा है, लेकिन Bernstein का 1,000 रुपये का टारगेट यह बताता है कि शेयर में जोखिम भी मौजूद हैं। इसलिए मौजूदा गिरावट को सीधे खरीदारी का संकेत मानने के बजाय निवेशकों को कंपनी की वैल्यूएशन, कर्ज, कैश फ्लो, कैपेक्स और बाजार की परिस्थितियों पर भी नजर रखनी चाहिए।
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