भुवनेश्वर: डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए हट्सुन एग्रो प्रोडक्ट लिमिटेड ने ओडिशा में अपनी ‘गो-धन’ पहल के तहत बड़ा कदम उठाने की योजना बनाई है। कंपनी अगले तीन वर्षों में राज्य में 6,000 से अधिक डेयरी फार्म स्थापित करने की दिशा में काम करेगी।
कंपनी का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरी व्यवसाय को मजबूत करना और किसानों को आय के अतिरिक्त साधन उपलब्ध कराना है। इस पहल के जरिए स्थानीय लोगों को पशुपालन से जोड़ने और डेयरी उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
‘गो-धन’ पहल के तहत किसानों को डेयरी फार्म शुरू करने के लिए आवश्यक सहायता, प्रशिक्षण और तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने की योजना है। इससे छोटे और मध्यम स्तर के किसानों को आधुनिक डेयरी प्रबंधन अपनाने में मदद मिल सकती है।
हट्सुन एग्रो देश की प्रमुख डेयरी कंपनियों में शामिल है। कंपनी दूध संग्रह, प्रसंस्करण और डेयरी उत्पादों के क्षेत्र में काम करती है। ओडिशा में विस्तार के जरिए कंपनी अपनी सप्लाई चेन को मजबूत करने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था में योगदान देने का लक्ष्य रख रही है।
डेयरी फार्मों की स्थापना से किसानों को दूध उत्पादन के साथ रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं। इसके अलावा पशुपालन से जुड़े अन्य व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
कंपनी की योजना के अनुसार, डेयरी फार्म स्थापित करने के लिए स्थानीय किसानों और पशुपालकों के साथ साझेदारी की जाएगी। उन्हें बेहतर नस्ल के पशु, पशु स्वास्थ्य देखभाल और डेयरी संचालन से जुड़ी जानकारी देने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरी सेक्टर को आय बढ़ाने वाले महत्वपूर्ण क्षेत्रों में माना जाता है। नियमित आय के स्रोत के रूप में दूध उत्पादन छोटे किसानों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है।
ओडिशा में डेयरी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार और निजी कंपनियां लगातार प्रयास कर रही हैं। ऐसे में हट्सुन एग्रो की यह पहल राज्य में डेयरी नेटवर्क को विस्तार देने में मदद कर सकती है।
कंपनी ने कहा है कि इस परियोजना का फोकस केवल डेयरी फार्म स्थापित करना नहीं, बल्कि किसानों को एक मजबूत डेयरी इकोसिस्टम से जोड़ना भी है।
Tags: